मूंगफली की खेती: गर्मी में किसान ऐसे करें मूंगफली की खेती, दोगुनी होगी कमाई, देखें संपूर्ण जानकारी

Moongfali ki kheti: गर्मी के सीजन में इस तरीके से करे मूंगफली की खेती, होंगी अंधाधुंध कमाई, जाने डिटेल भारत तो एक कृषि प्रधान देश है यहां की 75 आबादी के लोग किसानी करते है। आजकल के किसान कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लिए अलग अलग तरीको से खेती करते है।अब आप जानते ही है की गर्मी शुरू हो गयी है, ऐसे में वो किसान भाई जिनके पास पर्याप्त पानी की सुविधा है वो तीसरी फसल लेने के बारे में सोच रहे है तो आपको गर्मी के इस मौसम में मूंगफली की खेती करना चहिये जो आपको अच्छा मुनाफा दे सकती है।

गर्मी के इस सीजन में अगर आपके पास पर्याप्त मात्रा में पानी है तो आप मूंगफली की खेती कर बंपर पैदावार ले सकते है रबी फसल की कटाई के बाद मार्च महीने के अंत में आप इसकी बुवाई कर सकते है गर्मी में इसका उत्पादन करकेआप तगड़ा लाभ ले सकते है।

मूंगफली की खेती के लिए उपयुक्त भूमि

अगर आप भी अपने खेत मूंगफली की बुवाई करे है तो इसके लिए आपकी भूमि का पी.एच. मान लगभग 6 से 7 के बीच होना चाहिए। बुलई दोमट मिटटी में मूंगफली का उत्पादन सबसे अधिक होता है। गहरी काली मिट्टी में मूंगफली की बुवाई नहीं करना चाहिए यदि आप मूंगफली की बुवाई करना चाहते है तो गर्मी के मार्च महीने ने अंत तक कर सकते हो।

मूंगफली की उन्नत किस्में

अगर आप इस गर्मी में मूंगफली की खेती करना चाहते है तो आपको इसकी उन्नत किस्म को चुनना चाहिए। जायद सीजन में मूंगफली बुवाई की कुछ प्रमुख प्रजातियां जीजी-20, टीजी-37 ए, टीपीजी-41, जीजी-6, डीएच-86, जीजेजी-9 इन प्रमुख किस्मो को किसान भाई गर्मी के मौसम में बुवाई कर सकते है।

समय समय पर करे सिंचाई

गर्मियों के दिनों में आप मुंगफली की सिंचाई 5-6 बार कर सकते हैं। आप जब रबी की फसल की कटाई कर लें तो फिर खेत की जुताई कर एक बार पलावा कर इसे बो दें। अंकुरण के लगभग 12 से 15 दिन के उपरांत आप इसकी पहली सिंचाई कर सकते हैं। वहीं दूसरी सिंचाई 25 से 30, तीसरी 40 से 45, चौथी 55 से 60, पांचवी 60 से 65 एवं छठी 70 से 80 दिनों के अंतराल में करें। और इस तरह आपकी फसल पककर तैयार हो जाएगी।

उत्पादन को बढ़ाने के लिए खाद एवं उर्वरक

मूंगफली की अच्छी उपज के लिए खेत में 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से गोबर की खाद का प्रयोग करें। इसके साथ ही रासायनिक उर्वरकNPK 20:60:20 किग्रा प्रति हेक्टेयर पर्याप्त होता है। इनके साथ जमीं में जिनक की कमी को पूरा करने के लिए 25 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर जिंक सल्फेट का उपयोग करने से होगी बंपर पैदावार।

तीन महीने में फसल पककर तैयार हो जाएगी

गर्मियों के सीजन में बोई जाने वाली मूंगफली की फसल की तीन महीने में पककर तैयार हो जाती है। जब इसके पत्तियों का रंग पीला पड जाये तब आप इसकी खुदाई करे एवं तबतक इसके अंदर परियों का एनिन का कलर भी उड़ जाए। वही जब बीज के ऊपर भाग रंगीन हो जाए तो आप खेत की सिंचाई कर फलियों को पौधों से अलग कर लें। खुदाई के बाद आप इनको गीली भी बाजार में बेच सकते है इससे आपको अच्छा दाम मिलेगा और बेहतर कमाई होगी।