Kisan News: केले की जैविक खेती से कमाए लाखों का मुनाफा, देखें कैसे बदली किसान की किस्मत

Kisan News: भारत एक कृषि प्रधान देश है जहां पर अधिकांश जनसंख्या द्वारा खेती की जाती है। पहले के समय में खेती को सबसे उत्तम कार्य माना जाता था लेकिन अब खेती से किसानों को नुकसान होने लगा है। ऐसा नहीं है कि खेती करने से आपको नुकसान ही प्राप्त होगा बल्कि अगर खेती के कार्य को सही तरीके से किया जाए तो वह आपको लाखों का मुनाफा दे सकती है। आज हम आपके सामने एक ऐसा ही उदाहरण सामने लेकर आए हैं जिसमें एक किसान ने केले की जैविक खेती कर लाखों का मुनाफा कमाया है। आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से एक किसान द्वारा केले की ऑर्गेनिक खेती कर सफल होने की जानकारी बताएंगे।

Kisan News: केले की जैविक खेती से कमाए लाखों का मुनाफा, देखें कैसे बदली किसान की किस्मत

Banana Farming: बेदाग केले की विदेशों में मांग को देखते हुए इस शख्स ने 10 एकड़ में ऑर्गेनिक केले की खेती शुरू की। आज यह स्थिति है कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में वो अपने केले को एक्सपोर्ट करते हैं। महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामाती तहसील के यतिन बापूराव घुले के केले विदेशी भी खा रहे हैं। उनके द्वारा ऑर्गेनिक तरीके से उगाए केले एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं। कृषि (Agriculture) में ग्रेजुएट यतिन के मुताबिक, लंबे समय तक, कोई भी भारतीय कंपनी केले की खेती (Banana Cultivation) के लिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में सक्षम नहीं थी। भारत का केले का एक्सपोर्ट नहीं के बराबर रहा है। इसे देखते हुए वो केले की ऑर्गेनिक खेती से जुड़ गए।

Organic Banana Farming: ऑर्गेनिक केले की खेती शुरू करने से पहले यतिन बापूराव घुले ने बारामती के कृषि-विज्ञान केंद्र में एग्री-क्लीनिक और एग्री बिजनेस सेंटर्स स्कीम के तहत दो महीने की ट्रेनिंग प्रोग्राम में भाग लिया। घुले ने कहा, ट्रेनिंग के दौरान मैंने पुणे में एक्सपोर्ट डिपार्टमेंट का दौरा किया और एक्सपोर्ट के लिए सभी प्रक्रियात्मक गतिविधियों को जाना।अब मैं घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए केले के बिजनेस में पूरी तरह से शामिल हूं।

Organic farming of banana: कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बारामती के प्रधान वैज्ञानिक ने घुले को जैविक खेती से जुड़ा बेदाग केले की फसल को एक्सपोर्ट करने की सलाह दी। उसने जांच की और देखा उनके केले की फसल की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है। इसके बाद उन्होंने अपनी 10 एकड़ जमीन में फल संग्रह केंद्र स्थापित किया। इस फल संग्रह केंद्र में बेदाग केले धोने, छांटने, जांचने और रियल फ्रेश के रूप में ब्रांडेड करने से पहले गद्देदार स्ट्रेचर पर घुमाए जाते हैं। भूरे रंग के बॉक्स घरेलू बाजार के लिए हैं। सफेद वाले एक्सपोर्ट के लिए हैं।

Banana Farming: घुलेऑर्गेनिक केले की खेती से अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं। 5 गांव के 350 से ज्यादा किसान उनसे जुड़े हैं। वे 7 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर एक्सटेंशन मैनेजमेंट के मुताबिक, घुले ऑर्गेनिक केले की खेती और एक्सपोर्ट के बिजनेस से सालाना 15 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं।

Source By- Zeebusiness हिन्दी

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