Mogra Farming: मोगरा की खेती कर बनें मालामाल, इत्र से भी ज्यादा महकता है, कई चीजें भी बनाई जाती है

Business Idea: मोगरे का फूल बहुत सुगंधित होता है। इसका इस्तेमाल गजरे, इत्र, अगरबत्ती आदि बनाने में किया जाता है। वहीं इसके औषधीय गुणों के कारण यह कई दवाइयाँ बनाने में भी काम आता है। इतने गुणों से भरपूर होने के कारण इसकी मार्केट में काफी डिमांड रहती है।

अगर आप खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं और नई फसलों की खेती करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है। आज हम आपको एक ऐसे फूल की खेती के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी महक हर किसी को पसंद आती है। दरअसल, हम बात कर रहे हैं बालों को सजाने के लिए गजरे बनाने में काम आने वाले मोगरे के फूल के बारे में यह बहुत सुगंधित फूल होता है जिसमें बहुत से औषधीय गुण भी पाए जाते हैं।बता दें कि मोगरे के इस्तेमाल गजरे बनाने के अलावा इत्र, अगरबत्ती और कई तरह की औषधियां बनाने में भी किया जाता है। इसलिए मार्केट में इसकी काफ़ी डिमांड रहती है। अगर आप इसकी खेती शुरू करना चाहते हैं तो इसका प्रोसेस हम आगे बता रहे हैं।

कई औषधीय गुणों से हैं भरपूर

मोगरे के फूलों के जरिए त्वचा और बालों से जुड़ी कई परेशानियों को खत्म किया जा सकता हैं। वहीं इसे नारियल के तेल के साथ इस्तेमाल करने से ड्राई स्किन की प्रॉब्लम भी दूर की जा सकती है। मोगरे के 10-15 फूलों को रात भर पानी में भिगोकर उससे बाल धोने पर बाल मुलायम और मजबूत होते हैं। यह फूल काफी अच्छी सुगंध देता है इसलिए इससे इत्र आदि भी बनाए जाते हैं।

खेती के लिए ये समय है परफेक्ट

मोगरे की खेती के लिए गर्मी का मौसम सबसे उपयुक्त होता है। इसके लिए मार्च से लेकर जुलाई तक का समय सबसे अच्छा रहता है। क्योंकि इसी समय इस पर सबसे ज्यादा फूल लगते हैं। दिन दो से तीन घंटे की अच्छी धूप इसके लिए बहुत जरूरी है। इसलिए बारिश का मौसम आने के साथ ही इसमें फूल कम होने लगते हैं। गर्मी के मौसम में इसमें सुबह-शाम दोनों टाइम पानी देना चाहिए। वहीं सर्दियों में अगर आप एक दिन छोड़कर भी पानी देते हैं तो भी काम चल जाएगा। जबकि बारिश के दिनों में इसे ज्यादा पानी से बचाना भी जरूरी है।

ऐसे करें मोगरे की खेती

मोगरे के पौधे लगाने के लिए आप मिट्टी के साथ वर्मी कम्पोस्ट या पुरानी गोबर की खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे साल में 3 बार खाद की जरूरत होती है। पहली बार मार्च के पहले हफ्ते में, फिर करीब डेढ़ महीने के बाद अप्रैल में और आखिरी बार जून में, जब पौधे बड़े हो जाएं तो उनकी टहनियों को काटकर छोटा करते रहें। इससे पौधे पर ज्यादा फूल आने लगेंगे. मोगरे के फूलों को इकट्ठा कर आप मार्केट में अगरबत्ती आदि बनाने वाली फैक्ट्री में आसानी से बेच सकते हैं।