आमो की मांग से किसानो की होगी खूब कमाई, विदेशो में निर्यात की मात्रा बढ़ेगी

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Kisan News: आमो की डिमांड से किसानो की होगी खूब कमाई, विदेशो में निर्यात की मात्रा बढ़ेगी, बेमौसम बारिश के चलते इस साल आम की फसल को काफी नुकसान हुआ है. इसके बारामती कृषि उपज मंडी ने 700 टन आम के निर्यात का लक्ष्य रखा है. आम के निर्यात के लिए 230 ग्राम वजन वाले हापुस, 230 ग्राम केसर और 250 ग्राम वजन के बादाम का चयन किया जा रहा है. समिति द्वारा निर्यात 15 जून तक जारी रखने का फैसला किया गया है. 

भारत के आमो की विदेशो में बड़ी डिमांड

भारत सर्वाधिक आम उत्पादक वाले राज्यों में शामिल है. यहां के आमों की विदेशों में काफी ज्यादा मांग है. डिमांड को देखते हुए बारामती कृषि उपज मंडी समिति रेनबो इंटरनेशनल एक्सपोर्ट ने आम का निर्यात शुरू कर दिया है. इस मंडी द्वारा ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और इंग्लैंड में हवाई जहाज के जरिए 120 टन आम भेजे जा चुके हैं.

कृषि उपज मंडी ने रखा लक्ष्य

बेमौसम बारिश के चलते इस साल आम की फसल को काफी नुकसान हुआ है. हालांकि बारामती कृषि उपज मंडी ने 700 टन आम के निर्यात का लक्ष्य रखा है. आम के निर्यात के लिए 230 ग्राम वजन वाले हापुस, 230 ग्राम केसर और 250 ग्राम वजन के बादाम का चयन किया जा रहा है. समिति द्वारा निर्यात 15 जून तक जारी रखने का फैसला किया गया है. 

आम उत्पादकों का होगा मुनाफा

बारामती कृषि उपज मंडी के प्रबंधक शंभूराजे रनवरे ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से आयातित आमों की ग्रेडिंग की जा रही है. आम की तेरह किस्मों को स्थानीय बाजार में मांग के अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा है. उम्मीद है कि इस बार आम उत्पादक ज्यादा मुनाफा कमा पाएंगे.

मशीन से होगा स्कैन

इसके लिए पहली बार बारामती कृषि उपज मंडी समिति में आम की स्कैनिंग मशीन उपलब्ध कराई गई है. इस मशीन में आम को स्कैन किया जाता है और शक वाले फल को हटा दिया जाता है. नतीजतन, गुणवत्ता बनाए रखने में एक बड़ी मदद है. यह स्कैन मशीन आम के निर्यात के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इसलिए बारामती आम की विदेशों में मांग है.

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