देशभर में खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो चुकी हैं और किसान धान की खेती के लिए खेत तैयार करने में जुट गए हैं। बदलते मौसम, पानी की कमी और खेती की बढ़ती लागत के बीच अब किसान ऐसी धान किस्मों की तलाश कर रहे हैं, जो कम समय में तैयार हों और ज्यादा उत्पादन दें। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सही बीज का चुनाव किसानों की कमाई बढ़ाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। यही वजह है कि अब पारंपरिक बीजों की जगह उन्नत और हाई-यील्डिंग धान किस्मों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
CSR-10 और NDR-359 किसानों को दे रही बेहतर उत्पादन
CSR-10 धान की ऐसी उन्नत किस्म मानी जाती है, जो खारे पानी और जलभराव वाले क्षेत्रों में भी अच्छा उत्पादन देने की क्षमता रखती है। यह किस्म करीब 120 से 125 दिनों में तैयार हो जाती है और 50 से 55 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार दे सकती है। वहीं NDR-359 जल्दी पकने वाली लोकप्रिय किस्मों में शामिल है, जो लगभग 115 से 120 दिनों में तैयार हो जाती है। इसकी खासियत यह है कि इसके पौधे मजबूत होते हैं और तेज हवा या बारिश में गिरने की संभावना कम रहती है।
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अनामिका धान की बाजार में बढ़ रही मांग
पूर्वी भारत के कई राज्यों में अनामिका धान की खेती तेजी से बढ़ रही है। बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा के किसान इस किस्म को बड़े पैमाने पर अपना रहे हैं। यह धान लगभग 130 से 135 दिनों में तैयार होती है और 50 से 55 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है। इसके दाने लंबे और स्वादिष्ट होते हैं, जिसके कारण बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है। यही वजह है कि यह किस्म किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रही है।
WGL-32100 और IR-36 कम लागत में बढ़ा सकती हैं कमाई
WGL-32100 धान की हाई-यील्डिंग किस्मों में गिनी जाती है। यह लगभग 125 से 130 दिनों में तैयार होती है और 55 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देने की क्षमता रखती है। इसके पौधे मजबूत होते हैं, जिससे गिरने का खतरा कम रहता है। वहीं IR-36 ऐसी भरोसेमंद किस्म है, जो कम पानी वाले क्षेत्रों में भी अच्छी पैदावार देती है। यह किस्म सूखे की स्थिति को काफी हद तक सहन कर सकती है और कई रोगों के प्रति भी प्रतिरोधक क्षमता रखती है।
सही बीज का चुनाव किसानों को दिला सकता है ज्यादा मुनाफा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बदलते मौसम में किसानों को ऐसी धान किस्मों का चयन करना चाहिए, जो कम समय में तैयार होने के साथ ज्यादा उत्पादन दें। उन्नत बीजों के इस्तेमाल से खेती की लागत कम होती है और बाजार में बेहतर दाम मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है। विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे अपनी जमीन, पानी की उपलब्धता और स्थानीय मौसम को ध्यान में रखकर ही बीज चुनें। साथ ही हमेशा प्रमाणित बीजों का उपयोग करें और वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाएं, ताकि कम समय में ज्यादा लाभ प्राप्त किया जा सके।
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