Kisan Yojana 2023: केंद्र सरकार ने इन किसानों के लिए शुरू की नई योजना, किसानों की आय होगी दोगुनी 

Modi government: सरकार गरीब लोगों की मदद के लिए काफी कुछ कर रही है। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हर किसी किसान के पास खेती की अच्छी से अच्छी तकनीक हो। जिससे उनका जीवन सुगम बनाया जा सके  

Haryana Update News:  आपकी जानकारी के लिए बता दें की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश में कई बडे-बड़े बदलाव किए है। उन्होने कृषि को बढ़ावा देने और किसानों को हर सुविधा व आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए तमाम योजनाओं की शुरुआत की है। ऐसी कई योजनाएं हैं जिनकी मदद से खेती में आने वाली अड़चनें दूर कर सुलभ खेती से फसलों की अच्छी पैदावार हो रही है। बीते वर्षों में मोदी सरकार ने देश के युवाओं, महिलाओं व बेरोजगारों को सशक्त बनाने के का कार्य भी किया है। मोदी सरकार की वह योजनाएं जो किसी वरदान से कम नहीं जानिए विस्तार से……….

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

आपको बता दें की साल 2016 में शुरू की गई  थी। यह फसल बीमा योजना किसानों को एक सुरक्षित फसल बीमा कवरेज प्रदान करती है। जिससे उनकी आजीविका सुरक्षित होती है। यह प्राकृतिक आपदाओं, कीटों से होने वाले फसल नुकसान के लिए समय पर मुआवजा प्रदान करती है। इस योजना से किसान भाईयों को बहुत लाभ हुआ है। अब ये लोग निश्चित होकर खेती करते है।

प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि

यह योजना 2019 में शुरू की गई थी। इस योजना मे छोटे दबके के किसान भाईयों को जोड़ा गया है जिनके पास जमीन कम है या फिर बिल्कुल ही नही है। इस योजना के तहत किसान भाईयों की एक सुनिश्चित आय तय की गई है जिससे उनको तीन समान किस्तों में सालाना 6,000 रुपये की सीधी वित्तीय सहायता मिलती है। इस योजना से 120 मिलियन से अधिक किसानों को लाभ हुआ है। 

मिट्टी स्वास्थ् योजना

यह योजना 2015 में शुरू की गई थी। मृदा स्वास्थ्य योजना किसानों को मिट्टी की स्वास्थ्य रिपोर्ट प्रदान करती है। जिस मिट्टी मे पोषक तत्व संतुलित उर्वरक मिली होती है। वही उचित मृदा  मानी जाती है। इससे पैदावार अनुकूलित होती है। कृषि भूमि में मिट्टी के स्वास्थ्य को बढ़ाया गया है।

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना 

यह योजना 2015 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों और ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस योजना ने 40 मिलियन से अधिक किसानों को आवश्यक कृषि कौशल से छुट प्राप्त कर उत्पादकता के साधनो मे रोजगार के अवसर पैदा हुआ है।

परम्परागत कृषि विकास योजना

 यह योजना 2015 में शुरू की गई थी। इसमे जैविक खेती और स्वदेशी तरीकों को अपनाने को बढ़ावा दिया गया है। यह योजना किसानों को जैविक खेती, टिकाऊ कृषि, बेहतर मिट्टी की उर्वरता और स्वस्थ कृषि में योगदान प्रदान करती है।