भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मई 2026 के लिए नया मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इस बार देशभर में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में तापमान सामान्य या उससे कम रह सकता है, जबकि दक्षिण भारत, उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में गर्मी बढ़ने के संकेत हैं। खास बात यह है कि रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा रह सकता है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी महसूस होगी।
अल नीनो और IOD का मौसम पर असर
IMD के अनुसार, इस समय ENSO न्यूट्रल स्थिति धीरे-धीरे अल नीनो की ओर बढ़ रही है, जिसका असर आने वाले मानसून पर पड़ सकता है। वहीं हिंद महासागर में IOD फिलहाल न्यूट्रल है, लेकिन इसके पॉजिटिव होने की संभावना जताई गई है। ये दोनों फैक्टर मिलकर बारिश, तापमान और हवाओं के पैटर्न को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे मई और आने वाले महीनों का मौसम थोड़ा असामान्य रह सकता है।
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गर्मी, लू और बारिश का मिला-जुला असर
मई महीने में कई राज्यों में लू और उमस का असर दिन और रात दोनों समय महसूस हो सकता है। गुजरात, महाराष्ट्र, हिमालयी तराई और पूर्वी तटीय क्षेत्रों में ज्यादा हीटवेव वाले दिन देखने को मिल सकते हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इस महीने सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना भी जताई गई है, जो औसतन 110% तक हो सकती है। यह बारिश गर्मी से राहत देने के साथ-साथ खेती के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह और सावधानी
मई का मौसम किसानों के लिए चुनौती और राहत दोनों लेकर आ सकता है। ज्यादा गर्मी से फसलों पर असर पड़ सकता है, वहीं अच्छी बारिश खरीफ फसलों की तैयारी में मदद करेगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे हल्की-हल्की सिंचाई करें, मल्चिंग अपनाएं और खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था रखें। तेज हवाओं और बारिश के दौरान फसलों को सहारा दें और पशुओं के लिए छाया व पानी का उचित इंतजाम करें। मौसम के इस बदलाव को देखते हुए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
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