किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री के लिए स्वयं चुन सकते हैं केंद्र, यह रहेंगी प्रकिया

प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री के लिए किसान को खुद केंद्र के चयन की सुविधा दे साथ ही किसानों को समय पर राशि का भुगतान किया जाए। बारदाने की कहीं भी कमी न हो। उपार्जन केंद्र पर्याप्त हों। आवश्यक परिवहन व्यवस्था हो। तथा भण्डारण क्षमता अच्छी रखें। किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास में प्रदेश में रबी उपार्जन कार्य के लिए की गई तैयारियों संबंधी बैठक में यह निर्देश दिए।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री बिसाहू लाल सिंह, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद भदौरिया और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष उपार्जन के लिये करीब 15 लाख किसान पंजीयन करवा चुके हैं। गत वर्ष हुए पंजीयन की तुलना में तीन चौथाई पंजीयन हो चुके हैं। लगभग 20 लाख पंजीयन होने की संभावना है। अनाज के भण्डारण एवं परिवहन के लिए आवश्यक तैयारियाँ की जा रही हैं।

प्रदेश में 25 मार्च से गेहूँ उपार्जन शुरू होगा। संभागवार तिथियाँ निर्धारित की गईं हैं। भोपाल सहित इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभागों में 25 मार्च से उपार्जन प्रारंभ होगा। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, ग्वालियर और चम्बल संभाग में एक अप्रैल से उपार्जन कार्य प्रारंभ होगा। प्रदेश में 4 हजार 223 उपार्जन केंद्र कार्य करेंगे। बारदाना व्यवस्था में करीब 3 लाख गठान की अनुमानित आवश्यकता के अनुसार प्रबंध हो चुका है।

वर्तमान में उपलब्ध बारदानों से लगभग 70 लाख मीट्रिक टन उपार्जन संभव है। भण्डारण के लिए भारतीय खाद्य निगम, अधिग्रहित गोदाम, ओपन केप, सायलो बैग सभी शासकीय और अर्द्धशासकीय एजेंसियों के गोदाम उपलब्ध हैं।