तरबूज गर्मी के मौसम की एक प्रमुख नकदी फसल है, जिसकी अच्छी पैदावार के लिए संतुलित पोषण बेहद जरूरी माना जाता है। खासकर नाइट्रोजन (N), फास्फोरस (P) और पोटाश (K) का सही मात्रा में उपयोग करने से फलों का आकार, मिठास और उत्पादन बेहतर होता है। विशेषज्ञों के अनुसार फर्टिगेशन तकनीक अपनाकर किसान कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। यह तकनीक ड्रिप सिंचाई के माध्यम से पौधों तक सीधे घुलनशील उर्वरक पहुंचाने का काम करती है।
गर्मियों में तरबूज की खेती बन सकती है कमाई का बड़ा जरिया, जानिए बुवाई से कटाई तक पूरी जानकारी।
12 सप्ताह में इस तरह दें NPK उर्वरक
तरबूज की फसल में फर्टिगेशन को मुख्य रूप से तीन चरणों में बांटा जाता है। पहले 4 सप्ताह में प्रति सप्ताह 5.5 से 6 किलोग्राम नाइट्रोजन, 3 से 3.5 किलोग्राम फास्फोरस और 8 से 8.5 किलोग्राम पोटाश देना लाभकारी माना जाता है। अगले 4 सप्ताह में पौधों की तेजी से बढ़वार के लिए 11 से 12 किलोग्राम नाइट्रोजन, 3 से 3.5 किलोग्राम फास्फोरस और 9 से 10 किलोग्राम पोटाश प्रति सप्ताह दिया जाता है। वहीं अंतिम 4 सप्ताह में फल विकास और गुणवत्ता सुधार के लिए 5.5 से 6 किलोग्राम नाइट्रोजन, 6.5 से 7 किलोग्राम फास्फोरस और 14 से 15 किलोग्राम पोटाश का उपयोग करना चाहिए।
खेती के लिए उपयुक्त मौसम और खेत की तैयारी
तरबूज की अच्छी खेती के लिए 25 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसकी खेती बलुई दोमट मिट्टी में बेहतर होती है, जहां पानी निकासी की उचित व्यवस्था हो। खेत की तैयारी के समय 20 से 25 टन सड़ी हुई गोबर की खाद प्रति हेक्टेयर डालना लाभकारी रहता है। बुवाई का सही समय जनवरी से मार्च के बीच माना जाता है और प्रति हेक्टेयर 2 से 3 किलोग्राम बीज की आवश्यकता पड़ती है। फसल के दौरान लगभग 330 से 350 मिमी पानी की जरूरत होती है, इसलिए समय पर सिंचाई बेहद जरूरी है।
ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से बढ़ती है पैदावार
आधुनिक खेती में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग तरबूज उत्पादन बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो रहा है। इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है, खरपतवार कम उगते हैं और उर्वरकों का बेहतर उपयोग हो पाता है। साथ ही कीट और रोगों का समय पर नियंत्रण करने से फसल सुरक्षित रहती है। सही पोषण और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर किसान आसानी से 250 से 350 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त कर सकते हैं, जिससे अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है।
गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी: केंद्र ने बढ़ाया गन्ने का दाम, अब हर क्विंटल पर मिलेगा ज्यादा फायदा।





