देशभर के किसानों के लिए यह सप्ताह कई बड़ी घोषणाओं और नई योजनाओं की सौगात लेकर आया है। केंद्र और राज्य सरकारों ने खेती को लाभकारी बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले किए हैं। कहीं किसानों को हजारों करोड़ रुपए की अनुदान सहायता मिली है, तो कहीं किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) अभियान शुरू करने की तैयारी हो रही है। इसके साथ ही जैविक खेती, बायोगैस और गन्ना किसानों को राहत देने वाले फैसलों ने किसानों के बीच उम्मीद बढ़ाई है।
मध्य प्रदेश में किसानों को मिलेगा बड़ा अनुदान और दलहन मिशन को बढ़ावा
मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। राज्य सरकार ने किसानों के लिए लगभग 2424 करोड़ रुपए की अनुदान सहायता मंजूर की है। इसके साथ ही दलहन उत्पादन बढ़ाने और आत्मनिर्भरता मिशन को भी स्वीकृति दी गई है। सरकार का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना और प्रदेश में दलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर बाजार अवसर मिलेंगे और देश की आयात पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
15 मई से शुरू होगा KCC अभियान, किसानों को मिलेगा आसान कृषि ऋण
केंद्र सरकार और राज्य सरकारें अब ज्यादा से ज्यादा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना से जोड़ने पर जोर दे रही हैं। इसी कड़ी में 15 मई से विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत पात्र किसानों को KCC उपलब्ध कराया जाएगा। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसान कम ब्याज दर पर फसल, बीज, खाद, सिंचाई और कृषि उपकरणों के लिए आसानी से ऋण ले सकते हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसे किसानों तक पहुंचना है, जो अभी तक संस्थागत ऋण सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं।
यूपी में जैविक खेती और बायोगैस को मिलेगा बढ़ावा
उत्तर प्रदेश सरकार खेती की लागत कम करने और टिकाऊ कृषि मॉडल को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। राज्य में गोबर से कम्पोस्ट खाद, बायोगैस और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नई योजना तैयार की जा रही है। इससे किसानों को दोहरा फायदा मिल सकता है। जैविक खाद से मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, जबकि बायोगैस किसानों के लिए ऊर्जा का सस्ता विकल्प बन सकती है। इससे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होगी और खेती की लागत घटाने में मदद मिलेगी।
गन्ना किसानों को राहत, FRP बढ़ाकर 365 रुपए किया गया
केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) 10 रुपए बढ़ा दिया है। अब गन्ने का FRP 365 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। FRP वह न्यूनतम मूल्य होता है, जिस पर चीनी मिलों को किसानों से गन्ना खरीदना अनिवार्य होता है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों के किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।
हरियाणा में पुराने पौधे हटाने पर मिलेगी 40% सब्सिडी
हरियाणा सरकार ने बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई योजना शुरू की है। इसके तहत पुराने और सूखे पौधों को हटाने पर किसानों को 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य बागानों का नवीनीकरण करना और किसानों को बेहतर उत्पादन देने वाले नए पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
किसानों के लिए सकारात्मक संकेत
इस सप्ताह हुई घोषणाओं से साफ संकेत मिलता है कि सरकारें अब कृषि क्षेत्र में निवेश, सस्ती ऋण सुविधा, जैविक खेती, तकनीक और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष फोकस कर रही हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर खेतों से लेकर बाजार तक दिखाई दे सकता है। किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी लेते रहें और उपलब्ध सुविधाओं का समय पर लाभ उठाएं।
अब हर किसान तक पहुंचेगा लाभ: KCC और फसल बीमा योजना पर सरकार का बड़ा फैसला।





