किसानों के लिए वित्त वर्ष 2022-23 में महत्वपूर्ण उपलब्धियां, मोदी सरकार की यह 7 बड़ी पहल से किसानों को हो रहा बंपर मुनाफा

देश में मोदी सरकार के प्रति कुछ लोगों के अच्छे विचार तो कुछ लोगों के बुरे विचार हैं। मगर देश की बहुत बड़ी जनसंख्या इन सब से हट कर यह जानना चाहती है, कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में मोदी सरकार की कृषि क्षेत्र में कौन सी उपलब्धियां रही है।सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में रोजगार बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। इन उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु सरकार कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने, उच्च मूल्य वाली फसलों को प्राथमिकता देने, किसानों का जोखिम कम करने और कृषि व्यवसाय को टिकाऊ बनाने का भरपूर प्रयास कर रही है।

अभी गत वर्ष 2022 में तकनीकी स्तर पर कई परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिसका उद्देश्य कृषि जगत को एक नई ऊंचाई तक ले जाना और किसानों को समृद्ध बनाना है। किसानों की समृद्धि के लिए मोदी सरकार निरंतर प्रयासरत है।

वित्त वर्ष 2022-23 में मोदी सरकार की कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां

नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के लिए 26 मई 2014 को शपथ ग्रहण किए थे। मोदी सरकार का यह 8 साल आम जनता को समर्पित रहा है। इस दौरान मोदी सरकार कृषि से संबंधित कई ऐसी जनकल्याणकारी योजनाएं लेकर आई, जिससे हमारे देश के किसान लाभान्वित हुए और वर्तमान में लाभ ले रहे हैं। जैसे – पीएम किसान सम्मान निधि योजना, पीएम फसल बीमा योजना, गरीब कल्याण अन्न योजना, उर्वरक सब्सिडी योजना, केसीसी यादी। अब अगर वित्त वर्ष 2022-23 में मोदी सरकार ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियां करीब से देखें तो उन्हे सूचीबद्ध किया गया है।

कृषि बजट में वृद्धि

कृषि से जुड़े किसी भी योजना को देश भर में संचालित करने के लिए पर्याप्त बजट की आवश्यकता होती है। इस वजह से मोदी सरकार की पहली उपलब्धि कृषि बजट में लगातार वृद्धि लाने की है।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा वित वर्ष 2022-23 में कृषि क्षेत्र के लिए बजट का आवंटन को बढ़ाकर 124000 करोड़ रुपए किया गया है जो कि विगत वित वर्ष 2021-22 में संशोधित अनुमान 118258 करोड रुपए था। इस तरह कृषि बजट आवंटन में कुल 5700 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री का महत्वाकांक्षी योजना पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत आज से लगभग 4 साल पहले 2019 में किया था। इस योजना के तहत गरीब किसानों को प्रति वर्ष ₹6000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। ये रुपए किसानों को 4 – 4 महीने के अंतराल पर ₹2000 के तीन अलग-अलग किस्तों में दी जाती है। यह राशि किसानों को कृषि हेतु बीज, खाद तथा अन्य सामग्री खरीदने में मदद हेतु दी जाती है। इस योजना से आज लाखों गरीब किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

फसल बीमा योजना

सरकार द्वारा इस योजना का आरंभ 2016 में किया गया था। कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को आर्थिक हानि को सरकार द्वारा कुछ हद तक कम करने की कोशिश किया जाता है। सरकार द्वारा इस योजना की प्रीमियम राशि बहुत ही कम निर्धारित की गई है। इस योजना के तहत विगत 5 वर्षों में लगभग 29.29 करोड़ किसानों ने नामांकन कराया और 8.99 करोड़ (अनंतिम) से अधिक किसानों को दावे के रूप में 103903 करोड़ रुपए से अधिक प्रदान किया गया। इस योजना के तहत किसानों को ₹100 के प्रीमियम राशि पर उन्हें दावे के रूप में ₹484 प्राप्त हुए हैं।

रिकॉर्ड तोड़ खाद्यान्न उत्पादन

मानसून अच्छी होने के कारण सरकार द्वारा फसल वर्ष 2022-23 के लिए रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 3235.54 लाख टन रखा गया है जो पिछले वर्ष 2021-22 की तुलना में 79.38 लाख टन अधिक है।

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी)

किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत 1998 में भारत सरकार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एवं नाबार्ड के द्वारा की गई थी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराना है। केसीसी के तहत 2022-23 में किसानों को मात्र 4% न्यूनतम ब्याज दर पर तीन लाख रुपए तक लोन दिया जाता है। यह लोन किसानों को शॉर्ट-टर्म यानी 5 सालों के लिए दिया जाता है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को साहूकारों से मुक्ति दिलाना है। यह ऋण न्यूनतम ब्याज दर पर किसानों के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन करने वाले किसानों को भी उपलब्ध कराया गया है। इस योजना के तहत करोड़ों किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का प्रयोग

मोदी सरकार कृषि क्षेत्र में गौरवपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर रही है। सरकार ने खेती में ड्रोन जैसी टेक्नोलॉजी को शामिल करने का आह्वाहन किया है। जिससे किसान ड्रोन का इस्तेमाल कृषि फसलों का आकलन करने तथा कीटनाशकों का छिड़काव करने के अलावा अन्य कृषि संबंधित कार्य कर सकेंगे।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) 

सरकार ने इस योजना को कार्यान्वयन हेतु वित्तीय बजट में 8587 करोड़ रूपए का आवंटन किया है। यह योजना हमारे देश के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य हर खेत को पानी पहुंचाना है, जिसके लिए किसानों को सिंचाई हेतु उपकरण खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा सरकार ने सिंचाई रकबा बढ़ाने के लिए पांच नदियों को जोड़ने का भी प्रावधान किया है।