उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए एक बड़ी राहत योजना शुरू की है। खेती में बढ़ती लागत और समय पर अच्छे बीज न मिलने की समस्या को देखते हुए सरकार अब प्रमाणित बीज मुफ्त और सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है। इस योजना के तहत मोटे अनाज (मिलेट्स), दलहन और तिलहन फसलों के बीज किसानों तक पहुंचाए जाएंगे, जिससे उत्पादन बढ़े और किसानों की आय में सुधार हो सके।
किन बीजों पर मिलेगा लाभ और कितनी सब्सिडी
इस योजना में ज्वार, बाजरा, रागी, सांवा और कोदो जैसे मिलेट्स के बीज मुफ्त मिनीकिट के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा अरहर, मूंग, उड़द और तिल जैसी फसलों के बीज भी निःशुल्क मिलेंगे। वहीं धान, मक्का, ज्वार, बाजरा और अन्य हाइब्रिड बीजों पर किसानों को 50% तक सब्सिडी दी जाएगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि किसानों को महंगे बीज खरीदने की जरूरत कम पड़ेगी और खेती की शुरुआती लागत घटेगी।
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आवेदन प्रक्रिया और चयन कैसे होगा
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-लॉटरी सिस्टम से चयन किया जाएगा। जिन किसानों का चयन होगा, उन्हें मोबाइल पर SMS के जरिए सूचना दी जाएगी। इसके बाद किसान अपने ब्लॉक के राजकीय कृषि बीज भंडार से पीओएस मशीन पर सत्यापन कर बीज प्राप्त कर सकते हैं। इससे पूरी प्रक्रिया आसान और भ्रष्टाचार मुक्त रखने की कोशिश की गई है।
आवेदन की अंतिम तिथि और जरूरी जानकारी
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 10 मई 2026 तय की गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें, क्योंकि वेबसाइट पर लोड बढ़ सकता है। समय पर आवेदन करने से किसान कम लागत में बेहतर बीज प्राप्त कर सकते हैं और अपनी फसल की पैदावार बढ़ा सकते हैं। यह योजना उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खरीफ सीजन से पहले एक शानदार अवसर साबित हो सकती है।
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