Drone Training : युवाओं को निशुल्क मिल रही ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग, ऐसे उठाएं योजना का लाभ 

Drone Pilot Training : खेती में ड्रोन तकनीकों के उपयोग को बढ़ाने और किसानों तक ड्रोन सेवाओं की आसान पहुंच के लिए केंद्र एवं राज्य की सरकारें कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों और कृषि विज्ञान में डिग्री रखने वाले युवाओं को अनुदान पर कृषि ड्रोन व इसे उड़ाने के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। खास बात यह है कि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा “लखपति ड्रोन दीदी“ योजना भी शुरू की गई, जिसके तहत खेती में ड्रोन तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं को कृषि ड्रोन अनुदान पर दिए जा रहे हैं। साथ ही कृषि विश्वविद्यालयों से लेकर कृषि विज्ञान केंद्र तथा कई ट्रेनिंग सेंटर्स से ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसके लिए केंद्र एवं राज्य की सरकारें अपने-अपने स्तर पर  नियमों में बदलाव करती रहती है। इसी बीच हरियाणा में ड्रोन पायलट के लिए प्रशिक्षण नियमों में सरकार द्वारा कुछ संशोधन किया गया है। सरकार ने ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग के नियमों में बदलाव करते हुए कुछ शर्तों को हटा दिया है, जिससे राज्य के युवाओं को आसानी से ड्रोन उड़ाने के लिए फ्री ट्रेनिंग मिल सकें। आईए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

सरकार दे रही है ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग

वर्तमान में ड्रोन से फसलों पर कीटनाशक, नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी तरल उर्वरक का छिड़काव किसानों द्वारा बड़े लेवल पर किया जा रहा है। वहीं, कई राज्यों में सरकार फसल सुरक्षा योजना के तहत खेतों में ड्रोन तकनीक के माध्यम से कीटनाशकों के छिड़काव पर किसानों को भारी अनुदान भी उपलब्ध करा रही है, जिसके चलते खेती में ड्रोन का उपयोग बढ़ता जा रही है। साथी ही पढ़े-लिखे युवा और युवतियां दोनों ही ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग लेकर अपना करियर बना रहे हैं और खेती में ड्रोन से छिड़काव कर आमदनी कमा रहे हैं। इन सबको देखते हुए हरियाणा सरकार भी राज्य के युवाओं को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग दे रही है। जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के इकलौते सरकारी आरटीपीओ से अब तक करीब 100 युवाओं को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग दी जा चुकी हैं, जिसमें 20 युवतियां शामिल है।

ड्रोन ट्रेनिंग के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता को हटाया 

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार युवाओं को ड्रोन के इस्तेमाल के लिए ड्रोन उड़ाने का पायलट प्रशिक्षण देती है। यह पायलट ट्रेनिंग युवाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा अप्रूव्ड ड्रोन प्रशिक्षण केंद्रों से फ्री में दी जाती है। ड्रोन पायलट प्रशिक्षण के लिए केंद्र सरकार द्वारा कुछ प्रावधान किए गए थे, जिसमें पायलट ट्रेनिंग के लिए उम्मीदवारों के पास पासपोर्ट का होना अनिवार्य था, लेकिन इसमें किसानों को आ रही परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर ड्रोन पायलट ट्रेनिंग (Drone Pilot Training) के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता को हटा दिया है। इससे अब ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग के लिए युवा किसानों को आसानी होगी। 

राज्य के इतने युवा किसानों को मिलेगी फ्री पायलट ट्रेनिंग

हरियाणा सरकार के कृषि व किसान कल्याण विभाग की तरफ से राज्य के 500 युवा किसानों को फ्री में ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग (Drone Pilot Training) देने का फैसला लिया गया है। इसके तहत हरियाणा में दृष्टया की ओर से संचालित रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (RPTO) में युवाओं को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी जा रही ।  

ड्रोन पायलट के लिए ये दस्तावेज है जरूरी

ड्रोन उड़ाने के लिए किसानों को विमानन पतन निदेशालय (DGCA) से अधिकृत आरपीटीओ से ड्रोन पायलट ट्रेनिंग लेना अनिवार्य है। करनाल के फूसगढ़ में सरकारी आरपीटीओ है, जहां देश से किसी भी हिस्से का व्यक्ति ट्रेनिंग ले सकता है। ड्रोन पायलट ट्रेनिंग के लिए किसान की उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इच्छुक युवा किसान के पास मैट्रिक पास का सर्टिफिकेट, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड के साथ फिटनेस सर्टिफिकेट आदि जरूरी दस्तावेज भी होने चाहिए। डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन की आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रेनिंग के लिए आपको सर्टिफिकेट कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। ड्रोन पायलट ट्रेनिंग पूरी होने के पश्चात उम्मीदवार को सर्टिफिकेट दिया जाता है। विशेष जानकारी के लिए आप संबंधित जिले के कृषि कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं। 

किसान सिर्फ 2 लाख रुपए की लागत में खरीद सकेंगे ड्रोन

किसानों को एग्री ड्रोन (Agri Drone) खरीदने के लिए सरकार की तरफ से अनुदान देने की तैयारी भी की जा रही है। कहा जा रहा है कि राज्य सरकार ड्रोन की खरीद पर किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध करवा सकती है। वर्तमान समय में ड्रोन की कीमत करीब 10 लाख रुपये है, जिस पर सरकार की ओर से 80 प्रतिशत यानी 8 लाख रुपए अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। यानी किसान सिर्फ 2 लाख रुपए की लागत में कृषि ड्रोन खरीद सकेंगे। बता दे कि खेती में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से खाद और दवाइयों के छिड़काव किया जाता है। इससे खेतों की मैपिंग कर कम समय और कम पानी में पूरे खेत में एक समान छिड़काव होता है।