Pea Variety 2024: किसानों को मटर की यह 5 किस्में देंगी बंपर पैदावार, कम लागत में होंगी लाखों की कमाई 

मटर की खेती: बाजार में सब्जियों की मांग हमेशा बनी रहती हैं, और मटर एक इसी सब्जी है जिसकी मांग साल भर बनी रहती हैं, जैसा की हम जानते है की मटर रबी सीजन में उगाया जाता हैं, सर्दी मौसम में सब्जी खानें में स्वाद बड़ाने के लिए मटर की मांग बड़ जाती हैं। बाजार में सर्दी के मौसम में मटर की मांग बहुत अधिक होती हैं। इसलिए मटर की खेती करने वाले किसानों को बहुत लाभ होता है, मटर की खेती कर किसान रबी के इन 4 महीनों में ही लाखों का मुनाफा कमा सकते है। 

मटर की खेती के लिए  हम इस लेख में किसानों के लिए मटर की बेस्ट 5 किस्मों की जानकारी लाए हैं , किसान भाई इन मटर की टॉप 5 वेराइटी की खेती कर कई मुनाफा कमा सकते हैं।मटर की खेती के लिए मटर की ये टॉप 5 किस्म : काशी अगेती, काशी नंदिनी, काशी उदय,  काशी मुक्ति,, अर्केल मटर ,ये बेस्ट 5 किस्म कम समय में ही देगी किसानों को अधिक मुनाफा। 

जानें मटर की बेस्ट 5 किस्म की पूरी जानकारी 

(1) काशी अगेती मटर किस्म

मटर की किस्म काशी अगेती का विकास भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा वाराणसी में हुआ हैं। मटर की बुवाई सितम्बर अंत से नवंबर तक होती हैं , काशी अगेती मटर की बुवाई के बाद 30 बाद ही फूल आ जाते है व मटर की फली बनाना शुरू हो जाती हैं।

काशी अगेती मटर के पौधे की लम्बाई 50 सीमी होती है।

इस किस्म में हरी फलियों की ओसातन उपज 50से 60 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।

और औसत बीज उपज की 5-5.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती हैं।

(2) काशी नंदिनी मटर किस्म 

 काशी नंदिनी मटर की किस्म का विकास भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान केन्द्र वाराणसी में हुआ हैं,

इस किस्म की बुवाई के 30 दिन बाद ही फुल व फली बनाना शुरू हो जाती हैं,

इसके पौधे की लम्बाई 45-50 सेमी होती हैं।

काशी नंदिनी किस्म में हरी फलियों का उत्पादन 35 से 40 क्विंटल प्रति एकड़ होता है, साथ ही औसत बीज उपज 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ तक होती हैं।

(3) मटर किस्म काशी उदय 

भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान केंद्र वाराणसी द्वारा काशी उदय किस्म को विकसित किया गया है।

काशी उदय की बुवाई के 35 दिन बाद फुल आना शुरु हो जाते है। इसके पौधे की लम्बाई 58-62 सेमी होती हैं।

हरी फलियों का उपयोगः सब्जी औसत हरी फलियों की उपज: 35-40 क्विंटल प्रतिएकड़

औसत बीज उपजः 5-5.5 क्विंटल प्रति एकड़

(4) काशी मुक्ति किस्म 

काशी मुक्ति किस्म का विकास भारतीय सब्जियां अनुसंधान संस्थान द्वारा वाराणसी में हुआ है इस किस्म की बुवाई के बाद यह 40 दिन बाद फूल वह फली देना शुरू हो जाती है इसके पौधे की लंबाई 45 से 50 सेंटीमीटर होती है काशी मुक्ति किस्म में हरि फलियां की औसतन 50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है साथ साथ ही ओसत ऊपज  6 से 7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।

(5) अर्केल मटर किस्म 

अर्केल मटर किस्म का विकास फ्रांस में हुआ है इस किस्म की बुवाई के बाद 60 से 65 दिन बाद इसका फूल व फलिया आना शुरू हो जाती है इसमें हरि फलियां की औसतन उपज 40 से 50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और बीच की औसत उपज 7 से 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।

जानें सबसे तेजी से बढ़ने वाला मटर किस्म कौन सी है?

शेलिंग मटर किस सबसे तेजी से पकाने वाली किस्म में से एक है यह बहाई के बाद 50 दिनों में ही पककर तैयार हो जाती है इस किस्म को आकार किस बाजार में अपना मटर बीच अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।