मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रखने की मंजूरी दी गई। इसके लिए राज्य सरकार ने 11 हजार 608.47 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों को आने वाले वर्षों में फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।
हर सीजन किसानों को मिलेगा न्यूनतम 1000 रुपये का दावा
सरकार की ओर से लिया गया सबसे अहम फैसला यह है कि अब पात्र किसानों को हर सीजन न्यूनतम 1000 रुपये की बीमा दावा राशि सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी किसान की दावा राशि 1000 रुपये से कम बनती है तो बाकी राशि राज्य सरकार स्वयं देगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे किसानों को खेती में होने वाले जोखिम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
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खेती में जोखिम कम करने की दिशा में बड़ा कदम
राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और खेती के प्रति उनका भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में मौसम की मार और प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। ऐसे में न्यूनतम दावा राशि सुनिश्चित करने से किसानों को कठिन समय में आर्थिक सहारा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से खेती से जुड़े जोखिम कम होंगे और किसान नई तकनीकों व बेहतर उत्पादन की ओर भी आगे बढ़ सकेंगे।
जनकल्याण और विकास योजनाओं के लिए हजारों करोड़ की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में किसानों के अलावा महिला, वृद्धजन, दिव्यांग और श्रमिक वर्ग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को भी मंजूरी दी गई। सरकार ने विभिन्न जनकल्याण और विकास कार्यों के लिए कुल 30 हजार 55 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। वृद्धजन, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन योजनाओं के लिए 15 हजार 184.42 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं श्रमिक कल्याण योजनाओं के लिए 1 हजार 779.07 करोड़ रुपये और महिला एवं बाल सुरक्षा योजनाओं के लिए 156 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
नई तबादला नीति को भी मिली मंजूरी
मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य कर्मचारियों के लिए नई ‘स्थानांतरण नीति-2026’ को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि नई नीति लागू होने के बाद ट्रांसफर प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नियमबद्ध होगी। इसके अलावा सिवनी और देवास जल प्रदाय योजनाओं के लिए 593.24 करोड़ रुपये तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के संचालन के लिए 360 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि राज्य सरकार किसान, महिला, युवा और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहित के फैसले ले रही है।
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