मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं की सरकारी खरीदी ने इस बार जोरदार रफ्तार पकड़ ली है। राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और खरीदी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है। इसी के तहत किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, ताकि वे समय पर अपनी फसल सरकारी केंद्रों पर बेच सकें।
MSP पर रिकॉर्ड खरीदी, लाखों किसान जुड़े
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी तेजी से जारी है। अब तक 1,30,655 किसानों से 57,13,640 क्विंटल से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि इस वर्ष किसानों का भरोसा सरकारी खरीदी व्यवस्था पर पहले से ज्यादा बढ़ा है।
पंजाब में कपास खेती को बढ़ावा: किसानों को मिलेगा 33% सस्ता बीज, जानें आवेदन प्रक्रिया
किसानों के खातों में सीधे भुगतान
सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। अब तक किसानों के बैंक खातों में 355 करोड़ 3 लाख रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। इससे किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है और बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है।
स्लॉट बुकिंग में बड़ा बदलाव, भीड़ से राहत
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग सिस्टम में अहम बदलाव किया है।
अब उपार्जन केंद्रों पर प्रतिदिन गेहूं बिक्री की सीमा 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल कर दी गई है।
इस बदलाव से:
- ज्यादा किसान एक दिन में अपनी फसल बेच सकेंगे
- केंद्रों पर भीड़ कम होगी
- लंबी कतारों से राहत मिलेगी
प्रदेशभर में 3171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां केवल कार्य दिवसों में खरीदी की जा रही है।
2625 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा भाव
इस साल किसानों को गेहूं का बेहतर मूल्य दिया जा रहा है।
- केंद्र सरकार का MSP: 2585 रुपये प्रति क्विंटल
- राज्य सरकार का बोनस: 40 रुपये प्रति क्विंटल
👉 कुल भुगतान: 2625 रुपये प्रति क्विंटल
यह बढ़ा हुआ दाम किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रहा है।
रिकॉर्ड पंजीयन, लक्ष्य भी बढ़ा
इस वर्ष मध्य प्रदेश में 19.04 लाख किसानों ने गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन कराया है, जो पिछले साल से 3.60 लाख अधिक है।
सरकार ने इस बार 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष से ज्यादा है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए लक्ष्य हासिल करना आसान नजर आ रहा है।
उपार्जन केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं
राज्य सरकार ने खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा का खास ध्यान रखा है। यहां उपलब्ध सुविधाएं:
- छायादार बैठने की व्यवस्था
- स्वच्छ पेयजल
- बारदाना (जूट और पीपी बैग्स)
- तौल कांटे और सिलाई मशीन
- कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा
- फसल साफ करने के लिए पंखे और छनाई व्यवस्था
इसके साथ ही अब तक 30.10 लाख क्विंटल गेहूं का सुरक्षित परिवहन भी किया जा चुका है, जिससे भंडारण व्यवस्था मजबूत हुई है।
फेस्टिव सीजन के लिए बेस्ट बजट स्कूटर : GST के बाद भारत के टॉप 5 अफोर्डेबल स्कूटर”





