PM Kusum Yojana: केंद्र सरकार इन किसानों को बंपर सब्सिडी पर दे रही सोलर पंप, ऐसे उठाएं योजना का लाभ 

खेती की लागत को कम करने के लिए केंद्र व राज्य सरकारें कई तरह से प्रयास कर रही है। अगर खेती में सिंचाई की उचित व्यवस्था हो तो किसान की कमाई तेजी से बढ़ सकती है। देश के अधिकांश किसान सिंचाई के लिए डीजल पंप का इस्तेमाल करते हैं जिनसे खेती की लागत अधिक आती है क्योंकि डीजल की कीमत में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में किसानों को सिंचाई लागत को कम करने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (प्रधानमंत्री-कुसुम योजना) संचालित है। लाखों किसान पीएम कुसुम योजना (PM Kusum Yojana)  के माध्यम से सब्सिडी पर सोलर पंप प्राप्त कर चुके हैं। अब पीएम कुसुम योजना में एक अहम अपडेट सामने आया है केंद्र सरकार ने इस योजना को 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है। वहीं 74 हजार किसानों को सब्सिडी पर सोलर पंप देने की प्रक्रिया पर राज्य सरकार ने काम शुरू कर दिया है। 

PM Kusum Yojana :  हर खेत तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाने का प्रयास

केंद्र सरकार द्वारा हर खेत तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाने के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। बड़ी-बड़ी सिंचाई योजनाओं पर करोड़ों रुपए का बजट खर्च कर किसानों के लिए अच्छे दिन लाने की कवायद जारी है। पीएम कुसुम योजना भी किसानों के बीच एक लोकप्रिय योजना है। इस योजना के माध्यम से किसान मात्र 10 प्रतिशत राशि खर्च कर अपने खेत में सोलर पंप सेट स्थापित कर सकता है। पीएम कुसुम योजना में सब्सिडी पर सोलर पंप लगाने पर केंद्र व राज्य सरकार द्वारा 30-30 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। जबकि 30 प्रतिशत लोन बैंक से मिलता है। किसान को अपनी जेब से मात्र 10 प्रतिशत राशि खर्च करनी पड़ती है।

इन 74 हजार किसानों को मिलेगा पीएम कुसुम योजना का लाभ

सब्सिडी पर सोलर पंप का लाभ उत्तरप्रदेश के किसानों को मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के किसानों को पीएम कुसुम योजना का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों के निर्देश दिए हैं। हाल ही आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2023-2024 तक 51 हजार से अधिक किसान पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप अपने खेतों में लगवा चुके हैं। इससे किसानों की सिंचाई लागत में कमी आई है। उन्हें रात के समय सिंचाई करने की समस्या से निजात मिली है। वहीं जलवायु परिवर्तन के तहत कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आ रही है। अब उन्होंने मिशन मोड के तहत पीएम कुसुम योजना को संचालित कर अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2023-24 में 30 हजार तथा वर्ष 24-25 में 44,250 सोलर पंप अनुदान पर देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन दो सालों में कुल 74 हजार 250 सोलर पंप सब्सिडी पर दिए जाएंगे।

पीएम कुसुम योजना : इस बार मिल सकती है ज्यादा सब्सिडी

उत्तरप्रदेश के किसानों को पीएम कुसुम योजना के तहत इस बाद ज्यादा सब्सिडी मिल सकती है। योजना की लोकप्रियता को देखकर राज्य सरकार अपना अनुदान बढ़ाने पर विचार कर रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान  योजना का लाभ उठा सकें। पीएम कुसुम योजना पर केंद्र व राज्य सरकार 30-30 प्रतिशत सब्सिडी देती है। जिससे किसान को 60 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। वहीं कई राज्यों में राज्य सरकार 30 प्रतिशत से ज्यादा की सब्सिडी दे रही है। अगर योगी सरकार सोलर पंप पर सब्सिडी बढ़ाती है तो इससे किसानों को ज्यादा लाभ पहुंचेगा।

पीएम कुसुम योजना की विशेषताएं

किसान अपनी बंजर भूमि पर सोलर पंप की स्थापना करवा सकता है।

किसान बिजली बिल, डीजल पेट्रोल के खर्चे से मुक्त हो सकता है।

सोलर पंप से अपने घर के लिए भी बिजली प्राप्त कर सकता है।

बिजली से चलने वाले पंप को सोलर ऊर्जा से चलाकर बिजली खर्च को बचा सकता है।

बिजली आपूर्ति का इंतजार किए बिना दिन के समय सिंचाई कर सकता है।

अतिरिक्त बिजली को डिस्कॉम को बेचकर हर साल कमाई कर सकता है।

एक एकड़ भूमि से 60 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए की आय प्राप्त कर सकता है।

सोलर प्लांट 25 साल की लंबी अवधि के लिए लगाए जाते हैं।

किसान सोलर प्लांट स्वयं या डेवलपर को जमीन पट्टे पर देकर लगवा सकता है।

सोलर प्लांट लगवाने के लिए जमीन विद्युत सब स्टेशन से 5 किलोमीटर के टायरे में होनी चाहिए।

पीएम कुसुम योजना अपडेट (PM Kusum Yojana Update) : योजना को 2026 तक के लिए बढ़ाया

पीएम कुसुम योजना के संबंध में एक नया अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने इस योजना को 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है। इस समयावधि के दौरान 10 हजार मेगा वाट के सोलर एनर्जी प्लांट और 14 लाख ऑटोमेटिक सोलर पंप स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार योजना के तहत निर्धारित कृषि कार्यों के लिए 34422 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यहां आपको बता दे कि सोलर एनर्जी प्लांट की स्थापना किसानों की बंजर, परती, चारागाह, दलदली और कृषि योग्य भूमि पर की जाएगी। ये प्लांट किसान, सौर ऊर्जा डेवलपर, सहकारी समितियों, पंचायतों और किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से स्थापित किए जाएंगे। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत मंत्री आरके सिंह ने 21 दिसंबर को लोकसभा में एक लिखित जवाब के दौरान पीएम कुसुम योजना की अवधि बढ़ाने की जानकारी दी थी।