Kisan News: खेतों में अधिक यूरिया डालने से क्या होगा, देखें कौन सी फसल में कितना डालना है यूरिया, देखिए पूरी खबर 

आप सभी जानते हैं कि किसानों के लिए उनका फसल अच्छा होना कितना जरुरी होता है ,क्योंकि किसान पूरी तरह से अपने फसलों पर ही निर्भर होता है। लेकिन कई किसानों को अच्छी खेती करने का तरीका पता नहीं होता जिससे वे फसलों में लगने वाले दवाई जैसे यूरिया को अपने इच्छा अनुसार डाल देते हैं। तो आज हम उन किसानों को ज्यादा यूरिया डालने से क्या नुकसान हो सकता है इसकी जानकारी देंगे। तो आप इस आर्टिकल का अंत तक अवलोकन करें।

खेतों में ज्यादा यूरिया डालने से कई प्रकार का नुकसान होता है जैसे ज्यादा यूरिया डालने पर खेतों के फसलों में कीटों और कई प्रकार की बिमारियों का हमला होता है। इससे फसल अच्छे से नहीं हो पाता और किसान को नुकसान होने के कारण कर्ज में दुब जाता है। इससे और भी कई प्रकार के नुकसान होते हैं जिसकी जानकारी नीचे विस्तार से दिया गया है। आप उसका भी अवलोकन करके जान सकते हैं कि ज्यादा यूरिया डालने से क्या होता है।

ज्यादा यूरिया डालने से क्या होता है ?

अगर आप खेतों में ज्यादा यूरिया डालते हैं तो खेतों के फसलों में कीटों पतंगों और कई प्रकार की बिमारियों का हमला होता है। ज्यादा यूरिया डालने पर खेत की जो उपजाऊ पन होता है उसे यूरिया खत्म कर देता है। ऐसे बहुत से कारण है जिससे वैज्ञानिक अधिक यूरिया डालने से मना करते हैं।

यूरिया कब और कैसे डालें ?

खेतों के फसलों में नैनो यूरिया का उपयोग दो से तीन बार किया जाता है जो सही समय पर डालना जरुरी होता है। अगर आप समय से पहले डाल देंगे तो फसल नुकसान हो सकता है। आप पहला स्प्रे फसल के अंकुरण के 30 से 35 दिन बाद या रोपाई के 20 से 25 दिन बाद करें। दूसरा स्प्रे को जो आप पहले डालें हैं उसके 20 -25 दिन बाद या फसल में फूल आने के पहले डालें।

आप इस बात पे भी ध्यान से कि कितने फसल में कितना यूरिया डालना चाहिए क्योंकि सही समय के साथ सही मात्रा में यूरिया डालना जरुरी होता है। आप एक लीटर पानी में 2-4 मिली नैनो यूरिया मिलाएं और बढ़ रहे फसल के पत्तो पर स्प्रे करें। 15 लीटर पानी में 30-60 मिली नैनो यूरिया डालें। यानि प्रति एकड़ 125 लीटर पानी का छिड़काव करें।

सारांश: ज्यादा यूरिया डालने से फसलों में कीटों का हमला होता है फसलों में कई प्रकार की बीमारी आती है। इसे रोकने के लिए आप यूरिया को सही समय और सही मात्रा में डालें। इसमें दो बार स्प्रे करें पहला फसल के अंकुरण के 30 से 35 दिन बाद दूसरा फसल में फूल आने के पहले डालें। इससे आपका फसल अच्छा होगा।