छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने ट्रैक्टरों और सिंचाई पंपों के लिए डीजल की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने का फैसला लिया है, ताकि खेती-किसानी के काम बिना किसी बाधा के चलते रहें। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को समय पर डीजल उपलब्ध कराया जाए और खेती के जरूरी कार्य प्रभावित न हों। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को खरीफ सीजन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
खेतों की जुताई, बुआई और सिंचाई पर रहेगा खास ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान खेतों की जुताई, बुआई और सिंचाई जैसे कार्य तेजी से किए जाते हैं, जिनमें डीजल की अहम भूमिका होती है। अगर डीजल की कमी हो जाए तो किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी को देखते हुए सरकार ने सभी संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और तेल कंपनियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। सरकार का कहना है कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
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डीजल आपूर्ति बाधित होने पर अधिकारियों की होगी जिम्मेदारी तय
राज्य सरकार ने साफ किया है कि खरीफ सीजन के दौरान डीजल सप्लाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खेतों से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरे हों और डीजल की उपलब्धता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी जिले में डीजल आपूर्ति बाधित होती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इससे प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और जिम्मेदारी दोनों बढ़ाई गई हैं, ताकि किसानों को परेशानी न झेलनी पड़े।
ड्रम और जरीकेन पर रोक, लेकिन किसानों को मिलेगी विशेष छूट
राज्य सरकार ने 22 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रदेश के 2516 पेट्रोल पंपों पर ड्रम और जरीकेन में फ्यूल देने पर रोक लगाने का फैसला किया था। हालांकि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों के लिए विशेष छूट दी गई है। इसका मतलब है कि ट्रैक्टर और सिंचाई पंपों के लिए किसानों को डीजल मिलता रहेगा। सरकार का यह कदम एक तरफ फ्यूल के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगा, वहीं दूसरी ओर किसानों के कृषि कार्य भी बिना रुकावट जारी रहेंगे।
राज्य में पर्याप्त मात्रा में मौजूद है पेट्रोल और डीजल
खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले के अनुसार छत्तीसगढ़ में फिलहाल पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। राज्य में करीब 4 करोड़ 3 लाख लीटर पेट्रोल और 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल मौजूद है। इसके अलावा हाल ही में नई खेप भी राज्य में पहुंची है, जिससे आने वाले दिनों में फ्यूल की कमी की संभावना लगभग खत्म हो गई है। सरकार ने जिला प्रशासन को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर किसानों को तुरंत डीजल उपलब्ध कराया जा सके। इससे खरीफ सीजन के दौरान खेती के काम सुचारु रूप से चलते रहेंगे।
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