बिहार में खेती को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund – AIF) योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार के अनुसार अब तक 2045 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनके लिए 1650.37 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस योजना के जरिए किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), एग्री-स्टार्टअप्स और ग्रामीण युवाओं को कृषि से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए आसान और सस्ता ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखकर उन्हें आधुनिक कृषि व्यवसाय से जोड़ना है।
गोदाम, मशीनरी और प्रोसेसिंग सेंटर पर फोकस
AIF योजना के तहत बिहार में भंडारण और आधुनिक कृषि सुविधाओं पर सबसे ज्यादा काम हो रहा है। राज्य में बड़ी संख्या में गोदाम परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा आधुनिक खेती और कटाई के लिए सैकड़ों मशीनरी परियोजनाएं शुरू की गई हैं। किसानों को बेहतर बाजार और सही कीमत दिलाने के लिए प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर भी बनाए जा रहे हैं। वहीं छोटे किसानों को किराए पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर शुरू किए गए हैं। सरकार को उम्मीद है कि इससे फसलों की बर्बादी कम होगी और किसानों की आय बढ़ेगी।
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बिना गारंटी मिलेगा 2 करोड़ रुपये तक का लोन
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को 2 करोड़ रुपये तक का लोन बिना किसी गारंटी के मिल सकता है। सरकार इस ऋण पर 3 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी भी देती है, जिसका लाभ अधिकतम 7 वर्षों तक मिलता है। इतना ही नहीं, ऋण की गारंटी सरकार की ओर से CGTMSE के माध्यम से दी जाती है और गारंटी शुल्क भी सरकार ही भरती है। योजना में लाभार्थी को केवल कुल परियोजना लागत का 10 प्रतिशत निवेश करना होता है, जबकि बाकी राशि बैंक ऋण के रूप में मिल जाती है। इससे छोटे किसान और ग्रामीण युवा आसानी से कृषि आधारित कारोबार शुरू कर सकते हैं।
किसानों और ग्रामीण युवाओं को मिलेगा फायदा
AIF योजना का लाभ व्यक्तिगत किसान, FPO, स्वयं सहायता समूह (SHG), PACS, एग्री-स्टार्टअप्स, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ, मिल मालिक और ग्रामीण युवा उठा सकते हैं। सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। आधुनिक कृषि सुविधाएं बढ़ने से खेती अधिक लाभकारी बनेगी और किसान फसल बेचने के लिए बेहतर बाजार तक पहुंच पाएंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
ऑनलाइन आवेदन से आसान हुई प्रक्रिया
बिहार सरकार ने योजना की आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है। इच्छुक किसान और युवा AIF योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं और अपनी परियोजना रिपोर्ट अपलोड कर आवेदन कर सकते हैं। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। सरकार का कहना है कि मजबूत कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर ही किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की सबसे बड़ी कुंजी है।
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