मेरठ के मोदीपुरम स्थित बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (BEDF) परिसर में 23 अप्रैल 2026 को बासमती बीज बिक्री मेले का आयोजन होने जा रहा है। यह मेला APEDA के तहत आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उन्नत और प्रमाणित बासमती बीज उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी पैदावार और आय में बढ़ोतरी हो सके। देश के कई राज्यों से किसानों के इसमें शामिल होने की संभावना है, जिससे यह आयोजन और भी खास बन जाता है।
इन उन्नत बासमती किस्मों का होगा वितरण
मेले में किसानों को बासमती की कई लोकप्रिय और उच्च उत्पादन वाली किस्में उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें पूसा बासमती 1121, 1885, 1718, 1509, 1692, पूसा बासमती 1, 1401 और 1847 जैसी किस्में शामिल हैं। इन बीजों का वितरण “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा। ये सभी किस्में बेहतर गुणवत्ता, लंबा दाना और अच्छी बाजार कीमत के लिए जानी जाती हैं।
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बीज की कीमत और खरीद प्रक्रिया
मेले में सभी बीज 10 किलो के पैक में उपलब्ध होंगे, जिनकी कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। यानी एक पैक की कीमत 1000 रुपये होगी। खास बात यह है कि भुगतान पूरी तरह डिजिटल रहेगा। किसान QR कोड, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन या डेबिट कार्ड के माध्यम से ही भुगतान कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और नकद लेन-देन की जरूरत नहीं होगी।
डीएनए प्रमाणित बीज से बेहतर उत्पादन
इस मेले में मिलने वाले सभी बीज डीएनए प्रमाणित होंगे, जिससे उनकी शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। ऐसे बीजों से बेहतर अंकुरण, अधिक उत्पादन और उच्च गुणवत्ता की फसल मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यह किसानों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकता है।
किसान गोष्ठी में मिलेंगी नई तकनीकों की जानकारी
बीज वितरण के साथ-साथ मेले में किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें कृषि विशेषज्ञ किसानों को उन्नत खेती तकनीक, रोग प्रबंधन, उर्वरक उपयोग और उत्पादन बढ़ाने के तरीकों के बारे में जानकारी देंगे। इससे किसान आधुनिक खेती को अपनाकर बेहतर परिणाम हासिल कर सकेंगे।
कई राज्यों से किसानों की भागीदारी
हर साल की तरह इस बार भी पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और जम्मू जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। यह मेला किसानों के लिए सिर्फ बीज खरीदने का नहीं, बल्कि नई जानकारी और अनुभव साझा करने का भी अच्छा अवसर है।
बासमती चावल की खासियत और बढ़ती मांग
बासमती चावल अपनी खुशबू, लंबे दाने और बेहतरीन स्वाद के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इसे Geographical Indication (GI) का दर्जा भी मिला हुआ है, जिससे इसकी पहचान और गुणवत्ता को कानूनी सुरक्षा मिली है। होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है, जिससे किसानों को अच्छा बाजार मिलता है।
ट्रेसबिलिटी सिस्टम से गुणवत्ता की निगरानी
बासमती की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए APEDA ने Basmati.Net नाम का डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है। यह सिस्टम उत्पादन से लेकर निर्यात तक पूरी सप्लाई चेन को ट्रैक करता है। इससे उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले चावल की गुणवत्ता और असलियत सुनिश्चित होती है।
कुल मिलाकर, मोदीपुरम में आयोजित यह बासमती बीज मेला किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां उन्हें उन्नत बीज, नई तकनीक और बेहतर खेती की जानकारी एक ही जगह पर मिलेगी।





