तरबूज और खरबूज की खेती आज के समय में किसानों के लिए एक बेहतरीन कमाई का जरिया बन चुकी है। यह फसल जल्दी तैयार होती है और बाजार में इसकी मांग भी काफी अच्छी रहती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसान शुरुआत के 30 दिनों में फसल की सही देखभाल कर लें, तो उत्पादन और मुनाफा दोनों ही काफी बढ़ सकते हैं। यही वजह है कि यह फसल कम समय में ज्यादा लाभ देने वाली मानी जाती है।
फलमक्खी कीट से फसल को होता है भारी नुकसान
हालांकि, इस फसल में कीट और रोगों का खतरा भी बना रहता है। इनमें सबसे खतरनाक कीट फलमक्खी है, जो सीधे फलों को नुकसान पहुंचाती है। यह कीट फल के अंदर घुसकर गूदे को खा जाता है, जिससे फल सड़ने लगते हैं और बाजार में बेचने लायक नहीं रहते। अगर समय रहते इसका नियंत्रण नहीं किया जाए, तो पूरी फसल खराब हो सकती है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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फलमक्खी से बचाव के आसान और असरदार उपाय
फलमक्खी की समस्या से बचने के लिए किसानों को नियमित रूप से खेत की निगरानी करनी चाहिए। सबसे पहले, जो फल संक्रमित हो चुके हैं उन्हें तुरंत इकट्ठा करके नष्ट कर दें, ताकि कीट आगे न फैल सके। इसके अलावा, समय-समय पर गुड़ाई करना जरूरी है, जिससे मिट्टी में छिपे कीट बाहर आकर नष्ट हो जाते हैं। फलों को बीच-बीच में पलटते रहने से भी कीट का प्रकोप कम होता है।
देसी तरीके से कीट नियंत्रण कर बढ़ाएं मुनाफा
फलमक्खी को नियंत्रित करने के लिए कुछ आसान देसी उपाय भी काफी कारगर साबित होते हैं। नर कीट को आकर्षित करने के लिए संतरे के तेल को पानी में मिलाकर चौड़े मुंह वाले बर्तनों में खेत में जगह-जगह रखा जा सकता है। इसके अलावा, एक घोल बनाकर भी कीटों को खत्म किया जा सकता है—इसके लिए 1 किलो गुड़ को 20 लीटर पानी में घोलें, फिर इसमें 50 मि.ली. सिरका और 50 मि.ली. मेलाथियान मिलाएं। इस घोल को अलग-अलग बर्तनों में भरकर खेत में रखने से वयस्क कीट आकर्षित होकर नष्ट हो जाते हैं, जिससे फसल सुरक्षित रहती है और मुनाफा बढ़ता है।
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