किसानों को अपने खेत में तालाब बनाने पर 75% खर्चा उठा रहीं सरकार, यहां करें आवेदन और जल्दी उठाएं योजना का लाभ

बलराम ताल योजना के तहत अनुदान हेतु आवेदन  कृषि क्षेत्र में जोखिम कम करने एवं किसानों को सिंचाई सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएँ चलाई जा रही है। अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना PMKSY के तहत सिंचाई के संसाधनों, स्त्रोत के निर्माण, सिंचाई यंत्र आदि पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना PMKSY के कई घटक है जिनमें तालाब निर्माण भी एक है।

मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में पहले से चल रही “बलराम ताल योजना” को भी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत शामिल कर लिया है। सरकार ने पिछले वर्ष 2022 में योजना के तहत कुछ नए संशोधन कर योजना को राज्य के सभी जिलों में लागू किया गया है। कृषि विभाग ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए लक्ष्य जारी कर दिए हैं। इच्छुक किसान योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

तालाब बनाने के लिए कितना अनुदान (Subsidy) दिया जाएगा? इस योजना में सामान्य कृषकों को अपने खेतों में बलराम ताल निर्माण हेतु स्वीकृत लागत की प्रावधानित अनुदान 40 प्रतिशत अधिकतम 80,000 रुपये के अतिरिक्त लगने वाली राशि का व्यय स्वयं वहन करना होगा। इसी प्रकार लघु सीमान्त कृषकों को स्वीकृत लागत के अनुसार प्रावधानित अनुदान का 50 प्रतिशत अधिकतम राशि 80,000 रुपये के अतिरिक्त लगने वाले व्यय का वहन स्वयं करना होगा। इसी प्रकार अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषकों को स्वीकृत लागत के अनुसार प्रावधानित अनुदान 75 प्रतिशत अधिकतम राशि 1,00,000 रुपये के अतिरिक्त लगने वाले व्यय का वहन स्वयं करना होगा।

योजना में क्या संशोधन किया गया है?

वर्ष 2022 में मध्यप्रदेश कृषि विभाग द्वारा योजना में कुछ संशोधन कर सम्पूर्ण राज्य में लागू कर दिया गया है। योजना के तहत राज्य के वे सभी किसान जिनके खेतों में पहले से ड्रिप या स्प्रिंकलर इरिगेशन यंत्र स्थापित है अथवा वे किसान जो बलराम तालाब निर्माण के साथ या निर्माण के बाद माइक्रो इरिगेशन (ड्रिप या स्प्रिंकलर) स्थापित करेंगे उन किसानों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा।

सब्सिडी प्राप्त करने के लिए किसान को बनवाना होगा इस तरह का तालाब

जल संग्रहण के लिए किसानों को खेत का निचला हिस्सा सबसे उपयुक्त होता है। वैसे तो तालाब निर्माण के लिए कई आदर्श मॉडल उपलब्ध है। परंतु यह ताल किसानों की निजी भूमि में बनाना है इसलिए तालाब की लम्बाई, चौड़ाई कृषक के पास भूमि उपलब्धता पर निर्भर करती है। पर किसानों को तालाब की गहराई कुछ स्थितियों को छोड़कर 3 मीटर ही रखना होगा।

• खुदाई स्थल की चौड़ाई 15 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए।
• खुदाई करते समय साइड स्लोप 1.5:1 रखना होगा ताकि मिट्टी के धसकने की आशंका न रहे।
• खोदी गई मिट्टी की मात्रा को कृषक अपनी आवश्यकतानुसार किसी भी स्थान पर उपयोग कर सकता है। किंतु यदि मिट्टी का उपयोग बंधान के रूप में किया जाता है तो उसके कम से कम 1 मीटर की दूरी पर डाला जाए ताकि खुदाई स्तर को आसानी से नापा जा सके। ऐसा करने से बारिश के समय मिट्टी वापस ताल में नहीं आएगी।
• तालाब के बंधान पर अरहर (तुअर) अथवा अन्य उपयुक्त फसलें लगाई जा सकती है, जिससे कि बंधान के साथ किसान को कुछ आर्थिक लाभ हो सके। तालाब में मछली एवं बतख पालन का कार्य करके भी किसान अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते है।
• सुरक्षा की दृष्टि से स्थल पर बोर्ड लगाना आवश्यक होगा ताकि तालाब में गिरने जैसी गठित नहीं हो सके। यह किसान को स्वयं के व्यय से लगाना होगा। बोर्ड के अभाव में किसी भी प्रकार की दुर्घटना के लिए कृषक स्वयं ज़िम्मेदार होंगे।

किसान अनुदान पर तालाब निर्माण हेतु कहाँ आवेदन करें?

मध्यप्रदेश में बलराम तालाब योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। राज्य के इच्छुक किसान जारी लक्ष्यों के विरुद्ध ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसान भाई ऑनलाइन आवेदन ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल से कर सकते हैं, किसान भाई Mponline या किसी इंटरनेट कैफ़े से जाकर भी आवेदन कर सकते हैं ।अधिक जानकारी के लिए किसान जिला कृषि विभाग में भी संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं।