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धान की खेती में बदल सकती है किस्मत, पूसा बासमती 1885 में हैं अधिक उत्पादन के कई फायदे।

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धान की खेती करने वाले किसानों के लिए पूसा बासमती 1885 एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है। इस उन्नत बासमती किस्म को ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली ने आधुनिक मार्कर-असिस्टेड सिलेक्शन (MAS) तकनीक की मदद से विकसित किया है। यह किस्म लोकप्रिय पूसा बासमती 1121 से तैयार की गई है और इसकी खासियत यह है कि इसमें अधिक उत्पादन के साथ-साथ उत्कृष्ट दाने की गुणवत्ता भी मिलती है।

रोगों से सुरक्षा देने वाली उन्नत तकनीक

पूसा बासमती 1885 को विशेष रूप से बैक्टीरियल ब्लाइट और ब्लास्ट जैसे खतरनाक रोगों से बचाव के लिए विकसित किया गया है। वैज्ञानिकों ने इसमें चार महत्वपूर्ण रोग प्रतिरोधी जीन शामिल किए हैं, जिससे फसल को लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है। इस वजह से किसानों को कीटनाशकों और रासायनिक स्प्रे पर कम खर्च करना पड़ता है, जिससे खेती की लागत घटती है और पर्यावरण को भी कम नुकसान पहुंचता है।

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बेहतर उपज और मजबूत पौधों की विशेषता

यह किस्म अर्ध-बौनी और गैर-लॉजिंग प्रकृति की है, यानी तेज हवा या बारिश में पौधे आसानी से नहीं गिरते। पूसा बासमती 1885 लगभग 140 दिनों में तैयार हो जाती है। इसकी बुवाई 1 जून से 15 जून के बीच करने की सलाह दी जाती है, जबकि फसल अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक पककर तैयार हो जाती है। औसतन यह किस्म 4.68 टन प्रति हेक्टेयर तक उपज देने की क्षमता रखती है, जो किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।

लंबा दाना और बेहतरीन सुगंध इसकी पहचान

पूसा बासमती 1885 के दाने अतिरिक्त लंबे और पतले होते हैं। पकाने से पहले इसकी दाने की लंबाई लगभग 7.95 मिमी होती है, जो पकने के बाद बढ़कर 16.52 मिमी तक पहुंच जाती है। इसके चावल में तेज सुगंध, कम चाकपन और फुलकेदार बनावट देखने को मिलती है। यही कारण है कि यह किस्म घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में अच्छी मांग हासिल कर सकती है।

दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के किसानों के लिए उपयुक्त

यह उन्नत बासमती किस्म मुख्य रूप से दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के बासमती जीआई क्षेत्र के किसानों के लिए अनुशंसित की गई है। रोग प्रतिरोध, अधिक उत्पादन, प्रीमियम गुणवत्ता और बेहतर बाजार मूल्य जैसी खूबियों के कारण पूसा बासमती 1885 किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। यदि किसान कम जोखिम के साथ उच्च गुणवत्ता वाली बासमती धान की खेती करना चाहते हैं, तो यह किस्म एक उत्कृष्ट विकल्प बन सकती है।

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