छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को सस्ती और भरोसेमंद सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सौर सुजला योजना चला रही है। इस योजना के तहत किसानों को भारी सब्सिडी पर सोलर सिंचाई पंप दिए जाते हैं, जिससे खेती की लागत कम होती है और बिजली पर निर्भरता घटती है। खास बात यह है कि कई किसानों को केवल 15 हजार रुपये का अंशदान देकर लाखों रुपये की लागत वाला सोलर पंप लगाने का मौका मिल रहा है। यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए फायदेमंद है जिनके खेतों तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है।
किसान डोमार साहू की बदली खेती की तस्वीर
राजनांदगांव जिले के ग्राम मोखला निवासी किसान डोमार साहू इस योजना का लाभ उठाने वाले किसानों में शामिल हैं। उनके खेत में क्रेडा विभाग द्वारा सोलर पंप स्थापित किया गया है। डोमार साहू के अनुसार पहले सिंचाई की सुविधा सीमित होने के कारण खेती करना मुश्किल था और दूसरी फसल लेना भी आसान नहीं था। योजना के तहत उन्हें लगभग 2.73 लाख रुपये की सब्सिडी मिली, जबकि उन्हें केवल 15 हजार रुपये जमा करने पड़े। अब खेत में नियमित सिंचाई हो रही है और बिजली बिल की चिंता भी खत्म हो गई है।
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क्या है सौर सुजला योजना और इसका उद्देश्य
सौर सुजला योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका संचालन छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (CREDA) द्वारा किया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है ताकि वे बिजली कटौती और डीजल की बढ़ती कीमतों से प्रभावित हुए बिना खेती कर सकें। सोलर पंप दिन के समय सूर्य की ऊर्जा से चलते हैं, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए लगातार और किफायती ऊर्जा मिलती है।
किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ राज्य के स्थायी किसान उठा सकते हैं, जिनके पास कृषि योग्य भूमि हो। प्राथमिकता उन किसानों को दी जाती है जिनके खेतों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध नहीं है या सिंचाई के साधन सीमित हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, छोटे और सीमांत किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। सरकार 3 एचपी और 5 एचपी क्षमता के सोलर पंपों पर भारी सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे किसानों का आर्थिक बोझ काफी कम हो जाता है।
आवेदन प्रक्रिया और किसानों को मिलने वाले फायदे
सौर सुजला योजना के लिए किसान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है। सोलर पंप लगने के बाद किसानों को बिजली बिल नहीं देना पड़ता, सिंचाई लागत कम होती है और समय पर पानी मिलने से फसल उत्पादन में भी वृद्धि होती है। यही वजह है कि सौर सुजला योजना छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए आत्मनिर्भर खेती और बेहतर आय का मजबूत माध्यम बनती जा रही है।
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