देशभर में इस सप्ताह खेती-किसानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी कई अहम खबरें चर्चा में रहीं। केंद्र सरकार, कृषि संस्थानों और राज्य सरकारों की ओर से किसानों की आय बढ़ाने, खेती को टिकाऊ बनाने और ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने के लिए कई नई पहल की गईं। डेयरी सेक्टर से लेकर गेहूं उत्पादन और महिला स्वयं सहायता समूहों तक, कई फैसले किसानों के लिए राहत और अवसर लेकर आए हैं। आइए जानते हैं इस सप्ताह की टॉप 5 बड़ी कृषि खबरों के बारे में।
ICAR का बड़ा अभियान, किसानों को सिखाए जा रहे संतुलित उर्वरक उपयोग के तरीके
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने किसानों को जागरूक करने के लिए देशभर में विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी संरक्षण और टिकाऊ खेती के आधुनिक तरीके सिखाए जा रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक उर्वरकों के लगातार अधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है। ऐसे में जैविक खाद, मृदा परीक्षण और संतुलित पोषक तत्वों का इस्तेमाल खेती को लंबे समय तक लाभकारी बना सकता है। किसानों को जल संरक्षण और उर्वरक प्रबंधन की नई तकनीकों की भी जानकारी दी जा रही है।
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डेयरी किसानों के लिए राहत, दूध संग्रह और खरीद मूल्य में बढ़ोतरी
मध्य प्रदेश के डेयरी किसानों के लिए इस सप्ताह अच्छी खबर सामने आई है। राज्य में दूध संग्रह में करीब 11 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे पशुपालकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही दूध खरीद मूल्य में भी इजाफा किया गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है। दूसरी ओर हरियाणा सरकार ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) को डेयरी फार्मिंग के लिए शामलात भूमि उपलब्ध कराने का बड़ा फैसला लिया है। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं और छोटे किसानों को रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिलेंगे।
प्रगतिशील किसानों को मिलेगा सम्मान, आधुनिक खेती को बढ़ावा
कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और आधुनिक खेती को अपनाने वाले किसानों को सम्मानित करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। कृषि विभाग के अनुसार प्रगतिशील किसानों को बेहतर उत्पादन, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के आधार पर पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके लिए 25 मई तक आवेदन किए जा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य अन्य किसानों को भी आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना है ताकि खेती अधिक लाभकारी और तकनीक आधारित बन सके।
उत्तर प्रदेश में गेहूं उत्पादन ने बनाया रिकॉर्ड, MSP खरीद पर सरकार का जोर
उत्तर प्रदेश में इस साल गेहूं उत्पादन ने नया रिकॉर्ड बनाया है। राज्य में करीब 372 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया गया है, जो किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार अनुकूल मौसम, उन्नत बीज और आधुनिक कृषि तकनीकों के कारण उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को गेहूं खरीद और भंडारण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अधिक से अधिक खरीद सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है, जिससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिल सके।
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