न्यूज़ खेतीबाड़ी टेक्नोलॉजी बिजनेस मनोरंजन ऑटोमोबाइल मंडी भाव स्वास्थ्य

कम बारिश और बदलते मौसम में भी देंगी शानदार पैदावार, ICAR ने सुझाईं ये नई सोयाबीन किस्में।

By
On:
Follow Us

आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर ने मध्य भारत के किसानों के लिए सोयाबीन की नई अनुशंसित किस्मों की सूची जारी की है। इस सूची में मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम महाराष्ट्र के लिए उपयुक्त किस्मों को शामिल किया गया है। संस्थान का कहना है कि सही किस्मों का चयन करने से किसानों को बेहतर उत्पादन, रोगों से सुरक्षा और मौसम की चुनौतियों से मुकाबला करने में मदद मिलेगी।

मध्य क्षेत्र के लिए ये सोयाबीन किस्में सबसे बेहतर

संस्थान द्वारा जारी सूची में NRC 150, JS 21-72, NRC 142, JS 23-03, JS 23-09, MAUS 731, गुजरात सोया 4, JS 22-12, JS 22-16, NRC 165 और NRC 157 जैसी उन्नत किस्मों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इन किस्मों को खासतौर पर मध्य भारत की जलवायु और मिट्टी के अनुसार तैयार किया गया है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ये किस्में अच्छी पैदावार देने के साथ कई बीमारियों के प्रति बेहतर सहनशीलता भी रखती हैं।

44°C तापमान ने बढ़ाई किसानों की चिंता, धान की नर्सरी बचाने के लिए तुरंत अपनाएं ये तरीके।

महाराष्ट्र के किसानों के लिए भी खास किस्मों की सिफारिश

आईसीएआर ने महाराष्ट्र के किसानों के लिए MAUS 725 और फुले दुर्वा (KDS 992) जैसी किस्मों की भी अनुशंसा की है। इसके अलावा RVSM 2011-35, AMS 100-39 (PDKV अम्बा), MACS 1520, RSC 10-46, RSC 10-52 और AMS-MB-5-18 (सुवर्ण सोया) को भी सूची में शामिल किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये किस्में कम बारिश और बदलते मौसम में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं, जिससे किसानों को उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कई पुरानी भरोसेमंद किस्में भी सूची में शामिल

संस्थान ने अपनी सूची में कई लोकप्रिय और पहले से सफल किस्मों का भी उल्लेख किया है। इनमें NRC 152, NRC 138, RVS 76, NRC 130, NRC 131, NRC 136, PKV येलो गोल्ड, JS 20-94, JS 20-98 और G Soy 4 (सोरठ सोनाली) जैसी किस्में शामिल हैं। ये किस्में लंबे समय से किसानों के बीच लोकप्रिय रही हैं और कई क्षेत्रों में अच्छा उत्पादन दे चुकी हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि सही बीज चयन से किसानों की लागत कम हो सकती है और मुनाफा बढ़ सकता है।

बीज खरीदने से पहले किसान जरूर लें विशेषज्ञों की सलाह

आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर ने किसानों को सलाह दी है कि वे बीज खरीदने से पहले कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या राज्य कृषि विभाग से जानकारी जरूर प्राप्त करें। विशेषज्ञों के अनुसार हर क्षेत्र की मिट्टी, मौसम और सिंचाई व्यवस्था अलग होती है, इसलिए सही किस्म का चुनाव करना बेहद जरूरी है। यदि किसान वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उन्नत और प्रमाणित बीजों का उपयोग करते हैं, तो खरीफ सीजन में बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

खरीफ सीजन 2026 को लेकर सरकार अलर्ट, किसानों को सस्ते दरों पर मिलेंगे उच्च गुणवत्ता वाले बीज।

For Feedback - feedback@example.com

Leave a Comment