पुदीना (Mint) आज के समय में किसानों के लिए एक शानदार नकदी फसल बनकर उभर रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कम लागत में अच्छी कमाई। बाजार में इसकी लगातार मांग बनी रहती है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं होती। पुदीना का उपयोग सिर्फ चटनी या पेय पदार्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि दवाइयों, कॉस्मेटिक और फूड इंडस्ट्री में भी बड़े पैमाने पर होता है, जिससे इसकी कीमत और मांग दोनों मजबूत रहती हैं।
पुदीना की खेती के लिए सही मिट्टी और जलवायु
अच्छी पैदावार के लिए पुदीना को भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जिसका pH 6.0 से 7.5 के बीच हो। खेती शुरू करने से पहले खेत की गहरी जुताई करके उसे कुछ दिनों तक खुला छोड़ देना चाहिए, जिससे मिट्टी नरम और साफ हो जाए। जलवायु की बात करें तो पुदीना समशीतोष्ण और उप-उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अच्छी तरह उगता है। अंकुरण के लिए 20–25°C तापमान और पौधों की बढ़वार के लिए करीब 30°C तापमान सही रहता है। हालांकि यह 40°C तक की गर्मी सहन कर सकता है, लेकिन पाला इसकी फसल को नुकसान पहुंचा सकता है।
ब्रोकली की खेती करने का सही तरीका: नर्सरी से कटाई तक पूरी जानकारी, किसान ऐसे बढ़ाएं कमाई।
खेत की तैयारी, रोपाई और सिंचाई प्रबंधन
पुदीना की खेती के लिए खेत में 15–20 गाड़ी सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाकर अच्छी तरह जुताई करनी चाहिए और खेत को समतल कर लेना चाहिए। बेहतर उत्पादन के लिए पहले नर्सरी में पौधे तैयार किए जाते हैं, जो लगभग 1.5–2 महीने में रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बाद इन पौधों को क्यारियों में रोप दिया जाता है। सिंचाई की बात करें तो गर्मियों में हर 2–3 दिन में हल्की सिंचाई जरूरी होती है, जबकि सर्दियों में 10–15 दिन के अंतराल पर पानी देना पर्याप्त होता है। फसल में नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है, तभी पौधों की ग्रोथ अच्छी होती है।
खाद, देखभाल और मुनाफे की पूरी जानकारी
पुदीना की अच्छी पैदावार के लिए संतुलित खाद देना जरूरी है। अंतिम जुताई के समय एनपीके उर्वरक का प्रयोग करें और फसल बढ़ने के दौरान तीसरी या चौथी सिंचाई के साथ करीब 20 किलो नाइट्रोजन प्रति एकड़ डालना फायदेमंद रहता है। साथ ही, खरपतवार नियंत्रण भी बहुत जरूरी है—समय-समय पर निराई-गुड़ाई करने से पौधों को पूरा पोषण मिलता है और उत्पादन बढ़ता है। अगर सही तरीके से खेती की जाए, तो पुदीना से किसान कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं और अपनी आमदनी को तेजी से बढ़ा सकते हैं।
किसानों के लिए सरकार का बड़ा फैसला: आलू खरीद शुरू, चना सीमा बढ़ी और तूर की अवधि भी बढ़ाई गई।





