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सागवान की खेती : कमाए अधिक लाभ ,सागवान के पौधे कैसे तैयार करें

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सागवान की खेती : आपने सागवान का नाम तो सुना ही होगा. सभी पौधों में सागवान के पौधे की कीमत ही सबसे महंगे कीमत में बिकते हैं. sagwan ped एक ऐसा पौधा है जिसमें दीमक नहीं लगती है. और इसकी लकड़ी बाकि पौधों की तुलना में काफी हल्की होती है और यह इतनी मजबूत होती है की इसकी मजबूती सालों बरकरार रहती है. सागवान को इमारती लकड़ी का राजा भी कहा जाता है, इसके पेड़ की लंबाई 70 से 100 फीट होती है.

बहुत से स्थानों पर इस पौधे को सागौन, शाक, टीकवुड के नाम से भी जाना जाता है. सागौन के अनेक अच्छे गुण होने के कारण सागौन की खेती अब गाँव और शहर में भी की जाने लगी है. तो दोस्तों आज के इस पोस्ट हम आपको सागवान की खेती कैसे की जाती है तथा सागवान के पौधे की कीमत के बारे में जानकारी देने जा रहा हूँ. अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें.

सागवान की खेती कैसे की जाती है

Sagwan ki kheti अधिक ठंढ प्रदेशों के अलावा सभी जगह किया जा सकता है. सागवान की खेती में मेहनत बहुत ही कम और कमाई बहुत अधिक होती है. यदि आप सागवान की खेती के साथ खेतीबाड़ी भी करना चाहते हैं तो अपने खेत के चारो ओर 7 से 8 फीट की दूरी पर सागवान के पेड़ को जून-जुलाई के महीनों में लगायें. इस विधि से Sagwan ka ped लगाने से आपको पौधों की अधिक देखरेख नहीं करनी पड़ेगी. और आप जो खाद तथा पानी अपनी फसलों को देंगे उसी से सागवान के पौधे की ग्रोथ भी होती रहेगी. इस प्रकार अगर आप अपने खेत के चारों तरफ किनारों पर खेत की मेड़ पर सागौन का पेड़ लगाते हैं तो 1 एकड़ प्लांट के चारो और लगभग 100 से 120 सागौन का पेड़ लगा सकते हैं.

सागौन के इमारती लकड़ी का उपयोग

इसकी लकड़ी हल्की और मजबूत होती है. इसकी खेती किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होती है. सागौन के इमारती लकड़ी का उपयोग पलंग बनाने, कुर्सी बनाने, घरों में दरवाजा और खिड़की बनाने, रेल के डिब्बे बनाने, हवाई जहाज बनाने, दुकानों में काउंटर बनाने इत्यादि कार्यों में सागौन के इमारती लकड़ी का उपयोग किया जाता है. इनकी लकड़ी से बनाई गई चीजें सालोंसाल चलती हैं.

खेत की मेड़ पर सागवान की खेती से लाभ

खेत के चारो ओर खेत की मेड़ Sagwan ke ped लगाने से किसान को न तो अलग से खरपतवार नियंत्रण करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है और न ही सिंचाई और खाद तथा उर्वरक देने की आवश्यकता होती है. क्योंकि आप जब भी अपनी फसलों से खरपतवार निकालेंगे तो उसी समय सागवान के पौधे की भी खरपतवार नियंत्रण हो जाएगी. इसी तरह इसके पौधे को अलग से खाद और पानी देने की आवश्यकता भी नहीं होगी.

खेत की मेड़ पर सागौन के पेड़ लगाने की विधि

खेत की मेड़ पर सागौन का पेड़ लगाने के लिए गर्मियों के मौसम में अपने खेत के चारो ओर 7 से 8 फीट की दूरी पर गड्ढ़े की खुदाई करके छोड़ देनी चाहिए. जिससे पौधों की जड़ों को हानि पहुचाने वाले सभी हनिकारक कीट नष्ट हो जाएँ. इसके बाद जून- जुलाई के महीनों में बारिश के समय प्रत्येक गड्ढ़े में अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद डाल दें. फिर सभी गड्ढों में एक छोटी चम्मच फ्यूरडान या रीजेंट डालकर sagwan ke ped को लगायें. और रोपाई करने के तुरंत बाद सिंचाई अवश्य करें. इस विधि से सागौन का पेड़ लगाने से भूमि में उपस्थित कीटों से सागौन को कोई हानि नहीं होती है.

सागौन के पेड़ में लागत

यदि आप खेत की मेड़ पर सागौन के पेड़ लगाते हैं तो आपको एक हाइब्रिड Sagon ke ped ki kimat 80 से 100 रुपये में मिल जायेंगे. और अगर 1 खेत की मेड पर 120 पेड़ लागत हैं तो 100 रुपये प्रति पेड़ के हिसाब से 12 हजार रुपये आपकी लागत आएगी. अब अगर एक एकड़ खेत की मेड़ पर सागौन के पेड़ की लागत की बात करें तो इसमें आपकी कोई अलग से लागत लगने वाली नहीं है क्योंकि जब आप अपने फसलों को खाद और पानी देंगे तो उसी से इस सागौन के पौधों का भी विकास होगा. इसमें आपको केवल समय-समय पर सागौन की फालतू शाखाओं की छंटाई करनी होगी.

सागौन की खेती से लाभ

आमतौर पर सागौन के पेड़ की कीमत की बात करें तो तैयार होने के बाद प्रति पेड़ लम्बाई और मोटाई के हिसाब से 25 हजार से 40 हजार रुपये तक बिकती है. विशेषज्ञों के अनुसार अगर किसान एक एकड़ खेत में हाइब्रिड सागौन की खेती करते हैं तो लगभग 500 सागवान के पौधे लगते हैं. और जब ये पौधे कटाई के लिए तैयार होते हैं तो इससे जो कमाई होती है वह करोड़ों में मुनाफा देती है.

 
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