Ration Card: राशन कार्ड के नियमों में बड़े बदलाव, सरकार ने की बड़ी घोषणा,खाघ वितरण के नियमों में बदलाव

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राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर है। एक तरफ जहां उनके लिए नियम में बदलाव किया गया है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री द्वारा बड़ी घोषणा की गई है। इसके तहत बीपीएल राशन कार्ड धारकों को बड़ा लाभ मिलेगा।

Ration Card Benefit : राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर है। अगर आप भी राशन कार्ड धारक है और सरकार की राशन योजना का लाभ उठा रहे तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। सरकार द्वारा राशन कार्ड के नियम में बदलाव किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा बड़ी घोषणा की गई है। जिसके तहत राशन कार्ड धारकों को बड़ा लाभ मिलेगा।

बिजली बिल की लिमिट तय

चंडीगढ़ के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जनता को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि बीपीएल राशन कार्ड धारकों के लिए बिजली बिल की लिमिट तय होगी। इसके साथ ही 9000 रूपए वार्षिक से बढ़ाकर 12000 रूपए किया जा रहा है। 12000 रूपए तक के वार्षिक बिजली बिल वाले परिवार को इस महीने से राशन मिलना शुरू हो जाएंगे।मुख्यमंत्री ने गरीब परिवार को राहत देते हुए कहा है कि 9000 की बजाय अब 12000 रूपए तक के वार्षिक बिजली बिल वालों को मुक्त राशन का लाभ मिल सकेगा। वहीं सीएम ने अपनी घोषणा में कहा कि एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 9000 रूपए तक के वार्षिक आय वाले परिवारों की औसत आय 1 लाख 80 हजार रुपए है।

वही सरकार द्वारा तय किया गया कि जिन परिवारों की कुल वार्षिक बिजली बिल 12000 रूपए है। उनकी औसत आय 1 लाख 80 हजार रुपए मानी जाएगी। इसके साथ ही ऐसे सभी हितग्राहियों को मुफ्त राशन का लाभ दिया जाएगा। इतना ही नहीं सीएम ने घोषणा की है कि हितग्राहियों को इसी महीने से राशन मिलना शुरू होगा।

खाद्यान्न वितरण को लेकर नियम में बदलाव

वहीं दूसरी तरफ राशन कार्ड में खाद्यान्न वितरण को लेकर सरकार ने नियम बदल दिया है। राशन कार्ड धारकों को सरकार ने बड़ा झटका दिया गया है। पिछले कुछ समय से बढ़ रहे राशन डिपो संचालक और प्रबंधकों की मनमानी की शिकायत पर अब सरकार द्वारा बड़ा कदम उठाया जा रहा है। खाद आपूर्ति विभाग सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने इस मामले में आदेश जारी किया है। जिसमें सभी लोगों को आदेश का पालन करना अनिवार्य किया गया है।सरकारी आदेश के तहत अब कोई भी संचालक अपने घर के अंदर राशन डिपो नहीं चला सकेगा। मैनेजर का घर पास हो तो भी दुकान में ही डिपो का संचालन किया जाएगा। इतना ही नहीं नॉमिनी बनाकर डिपो संचालित करने की शक्ति परिवार के सदस्यों को दी जा सकती है। इसकी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

यदि किसी बॉर्डर ग्राम में आपूर्ति की गई है तो डिपो संचालक विभाग द्वारा निर्धारित स्थान पर बैठकर ही राशन का वितरण करेंगे। विभाग समय-समय पर डिपो का निरीक्षण भी करेगी। वहीं कोई डिपो संचालक यदि कोई गलती करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।राशन कार्ड की अनिवार्यता से हजारों छात्रों का नामांकन अटका। साथ ही उत्तर प्रदेश के बेसिक स्कूल में राशन कार्ड की अनिवार्यता से हजारों छात्रों का नामांकन अटक गया है। दरअसल प्रेरणा पोर्टल पर नामांकन की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिसमें राशन कार्ड को प्राथमिकता दी गई है। बिना कार्ड की एंट्री किए गए प्रक्रिया पर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर इस समस्या का समाधान मांगा जा रहा है।

अभिभावकों की दिक्कत बढ़ गई है। वहीं बच्चों का नाम राशन कार्ड में शामिल कराने के लिए आपूर्ति विभाग कार्यालय के चक्कर काटने की नौबत आ गई है। हजारों बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वहीं नामांकन प्रक्रिया भी आधार कार्ड नहीं रहने की स्थिति में पूरी तरह से प्रभावित हो रही है।बता दें कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूल के नए छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू की गई है। नामांकन पोर्टल पर राशन कार्ड की अनिवार्यता का होना परेशानी का विषय बन चुका है। हर विद्यालय में नामांकन के दौरान राशन कार्ड की अनिवार्यता से छात्रों को खासी दिक्कत उठानी पड़ रही है।

वहीं इस मामले में एबीएसए वंदना सैनी ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया में राशन कार्ड को अनिवार्य किया गया है। विद्यालय में नए छात्र का नामांकन करने के दौरान उनका पता आईडी और फोटो अपलोड करने के साथ ही राशन कार्ड के कॉलम भी दिए जा रहे है। इस कॉलोनी में राशन कार्ड के अलावा कोई और आईडी लगाने का विकल्प भी नहीं दिया गया है। जिसके कारण दिक्कत आ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि अभिभावकों को जल्द से जल्द राशन कार्ड में बच्चों के नाम शामिल कराने के आवाहन किए गए हैं।


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By Harry
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नमस्ते! मेरा नाम "हरीश पाटीदार" है और मैं पाँच साल से खेती बाड़ी से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी, अनुभव और ज्ञान मैं अपने लेखों के माध्यम से लोगों तक पहुँचाता हूँ। मैं विशेष रूप से प्राकृतिक फसलों की उचित देखभाल, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का सामना, और उचित उपयोगी तकनीकों पर आधारित लेख लिखने में विशेषज्ञ हूँ।