Kisan News: रबी की सभी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए यह तरीके जाने, कब करनी है बुवाई » Kisan Yojana » India's No.1 Agriculture Blog

Kisan News: रबी की सभी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए यह तरीके जाने, कब करनी है बुवाई

5/5 - (1 vote)
Picsart 22 11 12 17 15 33 778
रबी फसलों की खेती करने का तरीका

Kisan News: वर्तमान में रबी फसलों की बुवाई होना शुरू हो चुकी है और ऐसे में देश के विभिन्न हिस्सों में किसानों द्वारा तरह-तरह की फसलों की बुवाई की जा रही है। वर्तमान में खेती मशीनों और तकनीक पर आधारित हो गई है। आज हम आपके लिए रबी की फसलों की सही तरीके से खेती करने से संबंधित जानकारी लेकर आए हैं। किसानों को यदि मौसम और सही तकनीक की जानकारी नहीं होने से इसका असर फसल की पैदावार पर पड़ता है। आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से उन्ही सभी तरीको की जानकारी प्रदान करेंगे जिससे आप फसल की अच्छी पैदावार कर सकते हैं।

Kisan News: रबी की सभी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए यह तरीके जाने, कब करनी है बुवाई

रबी सीजन की फसलों की बुवाई करने का सही समय

गेहूं: गेहूं रबी सीजन की प्रमुख फसलों में से एक हैं। गेहूं की बुवाई करने का उपयुक्त समय मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर तक का हैं।

जौः जौ रबी सीजन में बोई जाने वाली प्रमुख फसलों में से एक हैं। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की उपयुक्त व्यवस्था हैं। वहां जौ की बुवाई 15 नवंबर तक कर देनी चाहिए। बुवाई से पहले यदि आपके बीज प्रमाणित न हो तो बुवाई से पहले थिरम एजोटोबेक्टर से उपचारित अवश्य कर लें।

यह भी पढ़िए:-किसान नवंबर में करें इन 5 फसलों की खेती, कम लागत में होगा अधिक मुनाफा

चनाः चना की बुवाई 20 नवंबर तक कर देनी चाहिए। चने की बुवाई के 25 से 30 दिन के बाद खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई-गुड़ाई अवश्य करना चाहिए।

मटरः मटर की बुवाई अक्टूबर से लेकर नवंबर मध्य तक अवश्य कर लें। मटर की बुवाई के 20 दिन बाद खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई अवश्य करें। मटर की बुवाई के 35 से 40 दिन बाद पहली सिंचाई करें। पहली सिंचाई करने के 6-7 दिन बाद फलियां आने पर आवश्यकता अनुसार निराई-गुड़ाई भी करें।

मसूरः मसूर की बुवाई करने के लिए 15 नवंबर तक का समय सबसे उपयुक्त है।

मक्काः जिन क्षेत्रों में सिंचाई की उपयुक्त व्यवस्था हैं, वहां शीतकालीन मक्का की बुवाई नवंबर माह के मध्य तक अवश्य पूरी कर लें। मक्का की बुवाई के लगभग 25 से 30 दिन बाद पहली सिंचाई अवश्य कर दें।

शरदकालीन गन्नाः गन्ने की बुवाई के 3 से 4 सप्ताह बाद आवश्यकता अनुसार निराई-गुड़ाई अवश्य कर लें।

आलू: आलू की बुवाई यदि अक्टूबर में नहीं हो पाई हो तो नवंबर माह तक अवश्य कर दें।

टमाटरः टमाटर की बसंत/ग्रीष्म ऋतु फसल की बुवाई करने के लिए पौधशाला में बीज की बुवाई अवश्य कर दें।

आज के उदयपुर मंडी भाव ( Udaipur Mandi Bhav Today )

इसी प्रकार रोजाना किसानों से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी और मध्य प्रदेश की सभी मंडियों के ताजा भाव जानने के लिए हमारे साथ बने रहे।

Kisan news:- सोयाबीन के भाव छूते जा रहे हैं आसमान, 7800 रूपए प्रति क्विंटल पहुंची सोयाबीन

view source – tractor junction
 
social whatsapp circle 512WhatsApp Group
Join Now
2503px Google News icon.svgGoogle News  Join Now
Spread the love