25 लाख तक की सब्सिडी, पोल्ट्री फार्मिंग के लिए सरकार देगी करना होगा ये काम

Poultry Farming Apply सरकार द्वारा राष्ट्रीय पशुधन अभियान के तहत 50 प्रतिशत अनुदान भी दिया जाता है। इसके अलावा मुर्गी पालन के लिए नाबार्ड द्वारा कम दरों पर ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है। Poultry Farming 2023

पोल्ट्री फार्मिंग 2023 के माध्यम से ग्रामीण (Poultry Farming 2023) क्षेत्रों के किसानों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुर्गी पालन अब कोई मुश्किल काम नहीं है। कई किसान खेती (Backyard Poultry Farming) के साथ-साथ पिछवाड़े में मुर्गी पालन भी कर रहे हैं। इससे अंडे और मांस का अच्छा उत्पादन होता है और किसान ऑफ सीजन में भी अच्छा पैसा कमा सकते हैं।अगर बड़े पैमाने पर मुर्गी पालन शुरू करना है तो सरकार राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत 50 फीसदी तक सब्सिडी (Subsidy on Poultry Farming) भी देती है. इसके अलावा मुर्गी पालन के लिए नाबार्ड द्वारा कम दरों पर ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है।

मुर्गी पालन के लिए सब्सिडी (Subsidy for poultry)

देश भर में प्रोटीन की खपत बढ़ रही है। उसके लिए अब एक बड़ी आबादी मुर्गियों और अंडों पर निर्भर है। इसलिए पोल्ट्री फार्म हर गांव में डेयरी फार्म की तरह शुरू हो रहे हैं। विशेष रूप से शहर के निकट ग्रामीण क्षेत्रों में पिछवाड़े से बड़े पैमाने पर मुर्गीपालन किया जा रहा है। मुर्गियों की कई उन्नत नस्लें अब नौकरी से पैसा कमा रही हैं। Poultry Farming Apply

इससे युवा भी इस काम से जुड़ रहे हैं। कुक्कुट पालन की लागत कम करने के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के तहत 50 प्रतिशत अनुदान अथवा अधिकतम 25 लाख रुपये देने का प्रावधान है। आप इस योजना का लाभ उठाकर पोल्ट्री यूनिट शुरू करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप https://nlm.udyamimitra.in/ पर जा सकते हैं।

इन नस्लों से बढ़ेगा मुनाफा

कुक्कुट पालन से बेहतर आमदनी के लिए ऐसी नस्लें चुनें जिनके मांस और अंडों की भारत और विदेशों में काफी मांग है। इस बीच, अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली किस्मों को चुनना भी याद रखें, ताकि बीमारियों का खतरा कम हो। साथ ही चूजों की देखभाल का काम भी आसानी से किया जा सकता है। जानकारों के मुताबिक सील, कड़कनाथ, ग्रामप्रिया, स्वर्णनाथ, केरी श्यामा, निर्भीक, श्रीनिधि, वनराज, कारी उज्जवल और कारी जैसे मुर्गियां और उनके अंडे बाजार में आसानी से बिक जाते हैं.

source by – agro udhyaknews