किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराने के लिए फिर खुलेगा पोर्टल, देखिए खरीदी प्रकिया

समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन 25 मार्च को इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और भोपाल संंभाग से प्रारंभ होगा। बाकी संभागों में खरीदी एक अप्रैल से प्रारंभ होगा। अनुमान है कि इस साल एमपी सरकार करीब 80 लाख टन गेहूं की खरीदी करेगी।इसके लिए 2 हजार 125 रुपये प्रति क्विंटल रेट तय किया गया है।

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। रबी विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन करने पोर्टल 22 से 24 मार्च तक पुन: खुलेगा। असामयिक वर्षा के चलते जिन किसानों ने अबतक पंजीयन नहीं करवाया है वे 24 मार्च तक करवा सकते है। इसके लिए सुबह सात से रात नौ बजे तक का समय तय किया गया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन 25 मार्च को इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और भोपाल संंभाग से प्रारंभ होगा। बाकी संभागों में खरीदी एक अप्रैल से प्रारंभ होगा। अनुमान है कि इस साल एमपी सरकार करीब 80 लाख टन गेहूं की खरीदी करेगी।इसके लिए 2 हजार 125 रुपये प्रति क्विंटल रेट तय किया गया है।

वर्षा-ओलावृष्टि के चलते बढ़ाई पंजीयन डेट

दरअसल, राज्य शासन द्वारा प्रदेश में हुई असामयिक वर्षा को दृष्टिगत रखते हुए गेहूँ उत्पादक किसानों को समर्थन मूल्य योजना का लाभ दिलाने के लिए 22 से 24 मार्च तक पंजीयन पोर्टल को पुन: खोला जाएगा। इस निर्णय से शेष रह गए किसान अपना पंजीयन करा सकेंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में रबी विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये किसानों का पंजीयन करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित थी, जिसे 5 मार्च 2023 तक बढ़ाया गया था।अभी तक 14.85 लाख किसान पंजीयन करा चुके हैं।

महत्वपूर्ण जानकारी

• पंजीयन के दौरान किसानों को यह जानकारी देनी होगी कि कितने क्षेत्र में गेहूं की बोवनी की है और वह कब उपज किस केंद्र पर बेचना चाहेगा।
• किसान भूमि अगर अन्य जिले में है तो उस जिले में पंजीयन कराया जाएगा।
• किसानों का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जब भू-अभिलेख में दर्ज खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा।
• दस्तावेजों में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा।
• गेहूं पंजीयन के लिए आधार नम्बर का वेरिफिकेशन लिंक मोबाइल नम्बर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमैट्रिक डिवाइस से किया जाएगा।
• किसान प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में जाकर पंजीयन करा सकते हैं। इसमें किसानोें को बोवनी के क्षेत्र की जानकारी देनी होगी, जिसका सत्यापन पटवारियों से कराया जाएगा।
• भुगतान आधार नंबर से जुड़े बैंक खाते में ही होगी ताकि किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो।

कैसे करें पंजीयन

• किसानों का पंजीयन स्वयं के मोबाइल, कम्प्यूटर, ग्राम पंचायतों के सुविधा केन्द्र, सहकारी समिति, महिला स्व-सहायता समूह, एफपीओ, एफपीसी केन्द्रों पर नि:शुल्क किया जाएगा।
• एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोकसेवा केन्द्रों पर निजी व्यक्तियों द्वारा सायबर कैफे पर 50 रूपए शुल्क जमा कराकर 28 फरवरी तक प्रात: 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक पंजीयन करवा सकते है।
• सीकमी, बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन सहकारी समिति, महिला स्व-सहायता समूह, FPO, FPC केन्द्रों पर किए जाएंगे।
• किसानों का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जब भू-अभिलेख में दर्ज खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा।
• दस्तावेजों में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा।

जानिए नियम-प्रक्रिया

• गेहूं पंजीयन के लिए आधार नम्बर का वेरिफिकेशन लिंक मोबाइल नम्बर पर प्राप्त OTP से या बायोमैट्रिक डिवाइस से किया जाएगा।
किसान के परिवार में जिन सदस्यों के नाम भूमि होगी वे सभी अपना पृथक-पृथक पंजीयन कराएं।
• किसान भूमि अगर अन्य जिले में है तो उस जिले में पंजीयन कराया जाएगा।
• किसानों को फसल बेचने के लिए SMS की अनिवार्यता: को समाप्त कर दिया गया है ।
• फसल बेचने के लिए किसान निर्धारित ई-पंजीयन पोर्टल के नजदीक के उपाजर्न केन्द्र, तिथि एवं समय के स्लाट का चयन कर गेहूं का विक्रय कर सकेंगे।