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MSP 2023: समर्थन मूल्य पर गेहूं का पंजीयन 25 फरवरी तक करें, देखें पंजीयन करने के नियम और शर्तें

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न्यूनतम समर्थन मूल्य 2023: रबी विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन 1 फरवरी से 25 फरवरी तक करा सकते हैं। किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाने के लिए किसानों के स्वयं के मोबाईल में सुविधा दी गई है। अब किसान घर बैठे पंजीयन कर सकेंगे। किसानों को पंजीयन केन्द्रों में लाईन लगाकर पंजीयन कराने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। किसान को गेहूं के समर्थन मूल्य पर अपनी उपज का पंजीयन केन्द्रों पर निशुल्क करा सकेंगे।

Minimum support price: पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था – रबी विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन करने के लिए पंजीयन कराने की निशुल्क व्यवस्था की गई है । किसान ग्राम पंचायत कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र, जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र तथा सहकारी समितियों एवं विपणन संस्थाओं द्वारा द्वारा संचालित केन्द्रों का फसल का पंजीयन निशुल्क करा सकेंगे। वहीं सशुल्क पंजीयन के लिए किसान एमपी ऑनलाईन कियोस्क पर, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केन्द्र एवं निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर सुशल्क पंजीयन करा सकते हैं।

Minimum support price registration: सशुल्क पंजीयन के नियम और शर्तें – ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत तहसील कार्यालय में पंजीयन के लिए सुविधा केन्द्र स्थापित करने के लिए जिला कलेक्टर आवश्यक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर उन्हें प्रशिक्षित करना सुनिश्चित करेंगे। एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे को पंजीयन की कार्यवाही करने के पूर्व जिला कलेक्टर/सक्षम प्राधिकारी से विधिवत ऑथोराईजेशन प्राप्त करना होगा। प्रति पंजीयन के लिए 50 रूपये से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पंजीयन: केन्द्रों पर पंजीयन सुविधा एवं शुल्क राशि के संबंध में आवश्यक बैनर लगाया जाना सुनिश्चित किया जाए। किसान का पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं विपणन सहकारी संस्था स्तर पर स्थापित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।

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