मौसम रिपोर्ट: किसानों के लिए कैसा रहेगा 2023 का मानसून, कितनी होंगी बारिश, कितने गिरेंगे मावटे, देखें मौसम समाचार

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मानसून पूर्वानुमान 2023: इस वर्ष की शुरुआत से अभी तक बेमौसम बारिश एवं ओला वृष्टि से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में अब किसानों को आगामी खरीफ सीजन से काफी उम्मीद है। परंतु भारत की एकमात्र प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी, स्काईमेट वेदर ने इस वर्ष के लिए मानसून का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। जिसने किसानों के लिए चिंता को बढ़ा दिया है। अपने इस वर्ष के पहले पूर्वानुमान में स्काईमेट ने देश में सामान्य से कम मानसून की संभावना व्यक्त की है, यानि की पहले अनुमान में बारिश सामान्य से कम रह सकती है।

स्काइमेट के मॉनसून पूर्वानुमान के अनुसार जून से सितंबर तक 4 महीने की औसत वर्षा की 868.8 मिमी की तुलना में 816.5 मिमी यानी कि 94% की संभावना है (एरर मार्जिन +/-5 फीसदी)। स्काईमेट ने 04 जनवरी, 2023 को जारी अपने पहले के पूर्वाभास में 2023 के मॉनसून का औसत से कम रहने का आकलन किया था और अब इसे बरकरार रखा है।

अलनीनो के चलते रहेगा कमजोर मानसून

इस वर्ष कमजोर मानसून के लिए अलनीनो परिस्थिति को ज़िम्मेदार बताया जा रहा है। इसके कारण बारिश सामान्य से भी काफी कम होती है। अनुमान जताया जा रहा है कि अल नीनो का प्रभाव मई से जुलाई महीने के बीच देखा जा सकता है। बता दें कि अल नीनो का मतलब है कि जब समुद्र का तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों में जो बदलाव आते हैं उसी समुद्री घटना को अल नीनो कहा जाता है।

किस राज्य में होगी कैसी बारिश

अपने पूर्वानुमान में स्काईमेट ने यह भविष्यवाणी की है कि देश के उत्तरी और मध्य भागों में बारिश की कमी होने की सम्भावना है। गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में जुलाई और अगस्त के महीनों में अपर्याप्त बारिश होने की उम्मीद है। वहीं उत्तर भारत के कृषि क्षेत्र पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सीजन के दूसरे भाग में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।

किस महीने कैसी बारिश होगी बारिश

स्काईमेट के द्वारा जारी पूर्वानुमान में जून महीने में सामान्य बारिश की संभावना 99 फीसदी की है। वहीं जुलाई महीने में सामान्य या सामान्य से कम बारिश की संभावना है जो LPA के मुक़ाबले 95 प्रतिशत है। इसके अलावा अगस्त महीने में सामान्य से कम बारिश होगी जो LPA के मुक़ाबले 92 प्रतिशत होने का अनुमान है। वही सितम्बर महीने में भी सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है जो LPA के मुक़ाबले 90 फ़ीसदी है।


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By Harry
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नमस्ते! मेरा नाम "हरीश पाटीदार" है और मैं पाँच साल से खेती बाड़ी से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी, अनुभव और ज्ञान मैं अपने लेखों के माध्यम से लोगों तक पहुँचाता हूँ। मैं विशेष रूप से प्राकृतिक फसलों की उचित देखभाल, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का सामना, और उचित उपयोगी तकनीकों पर आधारित लेख लिखने में विशेषज्ञ हूँ।