लाडली बहना योजना रजिस्ट्रेशन फॉर्म को लेकर आई नई अपडेट,यह काम करें वरना फार्म होंगा रिजेक्ट

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से लाड़ली बहना योजना के क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 मार्च प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन साबित होगा। इस दिन से लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र महिलाओं के आवेदन पत्र भरे जा रहे हैं। इसके लिए प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के प्रत्येक वार्ड तथा सभी ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। शिविर में महिलाओं के लिए छाया, पानी, शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था करें। स्वयंसेवी संगठन, जन अभियान परिषद से जुड़े कार्यकर्ता तथा जनप्रतिनिधि भी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्य में सहयोग करें। बिना किसी परेशानी के हर बहन के आवेदन पत्र भरवाए जाएं। यह मातृशक्ति की सेवा का महायज्ञ है। यह असाधारण कार्य है, जिससे महिलाओं को आर्थिक सहयोग और विकास का अवसर मिलेगा। मेरे लिए यह महिलाओं के जीवन बदलने का मिशन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी महिला कल्याण को ध्यान में रखकर आनंद की अनुभूति के साथ मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए कार्य करें। योजना के क्रियान्वयन की जो माइक्रो प्लानिंग की गई है उसके अनुरूप सभी कलेक्टर कार्यवाहियाँ सुनिश्चित करें।प्रदेश भर में महिलाओं की ई केवाईसी अपडेशन का कार्य किया जा रहा है। उचित मूल्य दुकान, एमपी ऑनलाइन सेंटर तथा कियोस्क सेंटर में यह कार्य नि:शुल्क किया जा रहा है। इनके बाहर लाड़ली बहना योजना के लिए महिलाओं की नि:शुल्क केवाईसी अपडेशन का बोर्ड लगाएं। यदि कोई व्यक्ति अवैध राशि की मांग करता है तो उसे जेल का रास्ता दिखाएं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न माध्यमों से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। जनप्रतिनिधि योजना के पंपलेट बनाकर भी घर-घर योजना की जानकारी दे सकते हैं। स्थानीय बोली में लोक कलाकारों से योजना से जुड़े गीत तैयार कराकर उनके माध्यम से प्रचार-प्रसार कराएं। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाकर कलेक्टर आवेदन पत्र दर्ज करने की प्रतिदिन समीक्षा करें। मुख्यमंत्री कार्यालय से योजना के क्रियान्वयन की निगरानी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने युवा नीति के प्रावधानों के प्रचार-प्रसार तथा ओला प्रभावित क्षेत्रों का संवेदनशीलता से सर्वे करने के भी निर्देश दिए।

वीडियो कान्फ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के आवेदन पत्र ऑफलाइन तथा आनलाइन दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के लिए समग्र, आधार संख्या तथा मोबाइल नम्बर की आवश्यकता होगी। पात्र महिला के एकल बैंक खाते में राशि का भुगतान होगा। बैंक खातेको आधार सीडेड होना आवश्यक है। योजना लागू होने के बाद से प्रदेश में महिलाओं के 2 लाख 80 हजार बैंक खाते खोले गए हैं। पोस्ट पेमेंट बैंक में 86 हजार से अधिक खाते खोले गए हैं। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में शामिल मंत्रीगणों, विधायकों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने योजना के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कमिश्नर कार्यालय से कमिश्नर अनिल सुचारी तथा कलेक्ट्रेट के एनआईसी केन्द्र से कलेक्टर मनोज पुष्प, आयुक्त नगर निगम श्रीमती संस्कृति जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ सौरभ सोनवणे, अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खोले जा रहे हैं महिलाओं के खाते

पोस्ट आफिस के साथ संचालित इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक से लाड़ली बहना योजना के लिए महिलाओं के खाते खोले जा रहे हैं। अधीक्षक मुख्य डाकघर ने इस संबंध में बताया कि रीवा में सिरमौर चौराहे में स्थित प्रधान डाकघर में प्रतिदिन 500 से अधिक महिलाओं के ई केवाईसी अपडेशन का कार्य किया जा रहा है। पोस्ट आफिस द्वारा संचालित इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खाता खोलने की कार्यवाही ऑनलाइन की जाती है। जिले भर में 250 पोस्टमैन घर-घर जाकर इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में महिलाओं के खाते खोल रहे हैं। सभी खाते जीरो बैलेंस में खोले जा रहे हैं।

डाक अधीक्षक ने बताया कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का नेटवर्क पूरे जिले में विस्तारित है। इसमें लाड़ली बहना योजना के लिए महिलाओं के डीबीटी खाते खोले जा रहे हैं जिसमें किसी भी डायरेक्ट बेनीफिट स्कीम की राशि प्राप्त की जा सकेगी। हितग्राहियों को पेपरलेस बैंकिंग के क्यूआर कार्ड भी वितरित किए जा रहे हैं। ऑनलाइन खाता खोलना बहुत आसान है। केवल दो से पाँच मिनट की अवधि में मोबाइल एवं बायोमेट्रिक डिवाइस से किसी भी व्यक्ति का खाता खुल जाता है। खाता खोलने के लिए आधार पंजीयन तथा समग्र आईडी का होना आवश्यक है। हितग्राही के मोबाइल में ओटीपी के माध्यम से ऑनलाइन खाता खोला जाता है।

लाड़ली बहना योजना के लिए विकासखण्डों में कंट्रोल रूम शुरू

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की पात्र महिलाओं के समग्र तथा आधार संख्या अपडेशन का कार्य उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है। ई केवाईसी अपडेशन का कार्य पूरी तरह से नि:शुल्क है। इसके लिए उचित मूल्य दुकानदार को शासन की ओर से प्रति केवाईसी 15 रुपए की राशि दी जाएगी। जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों से ई केवाईसी अपडेशन की मॉनीटरिंग के लिए प्रत्येक विकासखण्ड में कंट्रेाल रूम बनाए गए हैं। कंट्रोल रूम का प्रभारी संबंधित क्षेत्र के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को बनाया गया है।

इस संबंध में कलेक्टर मनोज पुष्प ने बताया कि महिलाओं की ई केवाईसी अपडेशन की कार्यवाही जिले की सभी 917 उचित मूल्य दुकानों में की जा रही है। इसकी निगरानी के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम में मऊगंज में एएसओ जसराम जाटव, हनुमना में सहकारिता निरीक्षक अनिल गुप्ता, गंगेव में जेएसओ विनीत मिश्रा, नईगढ़ी में सहकारिता निरीक्षक ओपी श्रीवास्तव को नोडल अधिकारी बनाया गया है। विकासखण्ड रीवा में जेएसओ सुभाष द्विवेदी, सिरमौर में सहकारिता निरीक्षक विकास माठे, रायपुर कर्चुलियान में जेएसओ सुश्री वंदना जैन तथा नगर निगम रीवा के लिए सहकारिता निरीक्षक अम्बरीश बघेल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। विकासखण्ड जवा के लिए अनमोल जैन तथा विकासखण्ड त्योंथर के लिए नीलेश पाण्डेय को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सभी नोडल अधिकारी निर्धारित कम्प्यूटर आपरेटर से संपर्क करके प्रतिदिन उचित मूल्य दुकानवार ई केवाईसी अपडेशन का प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। प्रतिदिन की रिपोर्ट को जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के सुपरवाइजर भास्कर पाण्डेय संकलित करके प्रतिदिन प्रात: 11 बजे तथा शाम 5.30 बजे जिला लोक सेवा प्रबंधक रविकांत पाण्डेय के माध्यम से प्रस्तुत करें। ई केवाईसी अपडेशन में लापरवाही बरतने वाले समिति प्रबंधकों तथा सेल्समैनों के विरूद्ध जिला आपूर्ति नियंत्रक कठोर कार्यवाही करें।

रोजगार दिवस कार्यक्रम में जिले के युवाओं को मिला ऋण एवं अनुदान

युवाओं को रोजगार के अवसर देने के उद्देश्य से आज रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम से वर्चुअली अपना उद्बोधन दिया जिसे देखा व सुना गया। उन्होंने विभिन्न जिलों के युवा हितग्राहियों से संवाद स्थापित करते हुए प्राप्त होने वाले ऋण की जानकारी ली तथा उनके अनुभव सुने।

जिला प्रशासन एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के तत्वाधान में कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के 1626 युवाओं को 103 करोड़ 20 लाख रूपये के ऋण एवं अनुदान वितरित किये गये। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं रीवा विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ल ने हितग्राहियों को प्रतीक स्वरूप हितलाभ वितरित किये। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में श्री शुक्ल ने कहा कि स्वरोजगार योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सफल हो रही हैं इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि गत तीन माह में जिले में 12885 युवाओं को 373 करोड़ 34 लाख रूपये का ऋण मिला। उन्होंने कहा कि रीवा जिला कृषि एवं लघु, उद्यम एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना कर प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपना स्थान बना रहा है। जिले में सभी परिस्थितियों अनुकूल है और युवाओं को आगे आकर स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेते हुए आत्मनिर्भर बनना होगा जिससे वह स्वयं तो सक्षम होंगे ही वरन अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकेंगे। श्री शुक्ल ने कहा कि सरकार द्वारा स्वरोजगार योजनाओं को लागू करने से बड़ा परिवर्तन हुआ है यह योजनाएं उन लोगों के लिये अधिक लाभप्रद है जिनके पास हुनर तो है मगर पूंजी नहीं अत: वह इसका लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने जिले में स्वसहायता समूहों के द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की तथा महिलाओं को अधिक से अधिक समूहों से जुडऩे की अपेक्षा भी की। उन्होंने कहा कि यह सभी महिलाएं लाडली बहना योजना का भी लाभ ले सकेंगी।

कार्यक्रम में मनगवां विधायक डॉ. पंचूलाल प्रजापति ने कहा कि युवा दिवस के आयोजन का उद्देश्य है कि हर युवा को काम मिले और वह स्वालंबी बने। उन्होंने जिले में किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। इस अवसर पर विधायक सेमरिया के.पी. त्रिपाठी ने कहा कि रीवा प्रदेश का सबसे तेजी से बढ़ता जिला है। जिले में अधोसंरचना निर्माण, विकास कार्यों के साथ ही स्वरोजगार स्थापना के लिये प्राथमिकता से सहज ऋण दिया जा रहा है। उद्यम क्रांति से जिले के विकास में पंख लगे है। उन्होंने रीवा को स्किल पार्क स्वीकृत होने के लिये रीवा विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल के प्रयासों के लिये साधुवाद दिया। अपने उद्बोधन में जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रणव प्रताप सिंह ने कहा कि स्वरोजगार योजनाएं युवाओं के लिये मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाय।

इस अवसर पर कलेक्टर मनोज पुष्प ने कहा कि जिले में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के सभी कार्य प्राथमिकता से किये जा रहे हैं। स्वरोजगार योजनाओं में जिला प्रदेश स्तर पर प्रथम एवं प्रथम पांच स्थान में स्थापित है उद्यम क्रांति योजना में जिला गत दो वर्षों से प्रथम स्थान पर है। स्वसहायता समूहों को बैंक लिंकेज के प्रयासों में सफलता मिली है और बैंक भी इनमें काफी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादित सामग्री की ब्राांडिंग कर उनको बाजार उपलब्ध कराने का भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वरोजगार स्थापना में युवाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उनकी सभी समस्याओं का शीघ्र हल निकालकर उद्यम स्थापना में पूर्ण सहयोग किया जायेगा। जिले में ग्लोबल स्किल पार्क स्थापना का कार्य भी किया जा रहा है। साथ ही आइये रीवा थीम पर पर्यटन व उद्योग को बढ़ावा देने के प्रयास जारी है। इससे पूर्व प्रबंधक उद्योग जेपी तिवारी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए जिले में व्यापार एवं स्वरोजगार उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक पांच युवा दिवस आयोजन में जिले के 12885 युवाओं को एक वर्ष में 373 करोड़ 34 लाख रूपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। अग्रणी जिला प्रबंधक संजय निगम द्वारा बैंकर्स की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में युवा उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किये। इस दौरान जिला पंचायत सहकारिता एवं उद्योग समिति की सभापति डॉ. संगीता सोनल शर्मा, स्पीकर नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, आयुक्त नगर निगम संस्कृति जैन, सीईओ जिला पंचायत सौरभ सोनवणे, उप संचालक रोजगार अनिल दुबे सहित जनप्रतिनिधि, हितग्राही व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।