किसान का कमाल,एक एकड़ में 36 फसलों से कमाएं 12 लाख रुपए, मां मशरूम तो पिता परबल की खेती से कमा रहे

पूर्णिया के कस्बा ब्लाक के युवा किसान अंकित ने कहा कि बचपन से उसे खेती का शौक रहा है क्योंकि पिताजी किसान हैं और इस वजह से पिता के साथ खेतों में हाथ बंटाना उसकी आदत में शामिल रहा है। बिहार के पूर्णिया के रहने वाले किसान अंकित सिंह आजकल सुर्खियों में हैं। वास्तव में एक खेत में आप कितने तरह की फसल उपजा सकते हैं। शायद 1-2 या 3, लेकिन पूर्णिया के इस युवा ने एक एकड़ के अपने खेतों में 36 तरह की फसलें उगाकर 12 लाख रुपए की कमाई की है। पूर्णिया के कस्बा ब्लाक के युवा किसान अंकित ने कहा कि बचपन से उसे खेती का शौक रहा है क्योंकि पिताजी किसान हैं और इस वजह से पिता के साथ खेतों में हाथ बंटाना उसकी आदत में शामिल रहा है।

पिता के साथ पिछले 15 साल से खेतों में हाथ बंटाने की वजह से खेती से लगाव बना रहा। पूर्णिया से एग्रीकल्चर की पढ़ाई करने के लिए अंकित बिहार से बाहर कई राज्यों में गया। एग्रीकल्चर की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अपने घर वापस आने पर पिता की खेती में हाथ बंटाता है।

इसके बाद आधुनिक तरीके से अंकित ने खेती शुरू की. अंकित ने एक एकड़ खेत में 36 तरह की फसलें उगाई हैं. 1 एकड़ में 36 तरह की फसलें उगाकर अंकित कुमार ने एक रिकॉर्ड बना दिया है। मौसमी सब्जियां, प्याज, लहसुन, आलू, शिमला मिर्च, गाजर, ब्रोकली और ओल सहित कई फसलें लगाकर अंकित ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है।

अंकित की खेती की खास बात यह है कि खरीदार खुद उसके पास आकर सब्जी और फल खरीद कर ले जाते हैं। अंकित ने अपने खेत में लगी फसलों को कृषि मेला में भी दिखाया है और उसके ओल, प्याज और ब्रोकली जैसी फसल को चिन्हित कर कृषि विभाग ने अंकित को सम्मानित भी किया है। अंकित के पिता परबल की खेती के साथ अब उसके पौधे तैयार कर बेचते हैं, जबकि उसकी मां मशरूम की खेती से अच्छी कमाई कर रही हैं।

अंकित ने कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ से संपर्क कर अपने खेतों में 1 एकड़ में लगी 36 तरह के फसलों को प्रदर्शित किया। इनमें से तीन फसलों का बंपर उपज हासिल किया है। कृषि मेले में ले जाकर अपनी उपज को प्रदर्शित करने के बाद एक साथ अंकित को तीन इनाम मिले हैं। ओल और प्याज की उपज के लिए अंकित को प्रथम पुरस्कार मिला, ब्रोकली के उत्पादन के लिए अंकित को तृतीय पुरस्कार मिला है। अंकित ने कहा है कि अगर युवा आधुनिक तकनीक से खेती करते हैं तो इससे उन्हें अच्छी कमाई करने में मदद मिल सकती है। अंकित ने कहा कि एग्रीकल्चर की पढ़ाई से उन्हें खेती के नए तरीके अपनाने और उपज बढ़ाने में मदद मिली है।