बंजर मिटटी में जल्दी शुरू करे बांस की खेती, कम लागत में होगा तगड़ा प्रॉफिट, 50 वर्षो तक कर सकते उत्पादन,

बंजर मिटटी में जल्दी शुरू करे बांस की खेती, कम लागत में होगा तगड़ा प्रॉफिट, 50 वर्षो तक कर सकते उत्पादन, जानिए खेती करने का सही और उचित समय। आजकल किसान नए नए तरीके अपनाकर नई-नई तकनीक से खेती करके अच्छी कमाई कर रहे हैं। कई किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर अब नई फसलों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इससे उन्हें हर साल अच्छा मुनाफा तो हो ही रहा है। आइये जानते है किस की खेती करने से आप भी लाखो रुपये की कमाई कर सकते है।

बांस की खेती से 50 साल तक किया जा सकता उत्पादन

आपकी जानकारी के लिए बता दे देश में इन दिनों बांस की खेती (bamboo cultivation) की काफी मांग हो रही है। साथ ही सरकार बांस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित भी कर रही है। बांस की खेती के लिए कई राज्य सरकारें किसानों को सब्सिडी दे रही हैं। तो अगर आप भी खेती को अपना पेशा बनाना चाहते हैं तो बांस की खेती (bamboo cultivation) कर सकते हैं। बांस की खेती की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बंजर जमीन में भी पानी की कम आवश्यकता के साथ कर सकते है। एक बार लगाने के बाद बांस के पौधे से 50 साल तक उत्पादन लिया जा सकता है। आइये जानते है बांस की खेती के लिए सही किस्मो को चयनित करना चाहिए। आइये जानते है पूरी जानकारी।

बांस की खेती (bamboo cultivation) के लिए सरकार द्वारा दी जाती सब्सिडी

राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत अगर बांस की खेती (bamboo cultivation) में अधिक खर्च हो रहा है तो केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को आर्थिक सहायता भी कर रही है। बांस की खेती के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि की बात करें तो लागत का 50 प्रतिशत किसानों और 50 प्रतिशत सरकार द्वारा दिया जा सकता है। बांस की खेती की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बंजर जमीन पर भी किया जा सकता है।

जानिए बांस की खेती से कितनी मोटी कमाई कर सकते है

बांस की खेती (bamboo cultivation) मोटी कमाई का जरिया बन सकती है। क्योंकि समय के साथ बांस की खपत बढ़ती जा रही है। बांस की पहली कटाई रोपाई के चार दिनों के बाद की जाती है। एक अनुमान के मुताबिक बांस की खेती से 4 साल में एक हेक्टेयर में 40 लाख रुपये की कमाई हो जाती है। इसके अलावा बांस की कतारों के बीच खाली पड़ी जमीन पर अन्य फसलें लगाकर किसान बांस की खेती (bamboo cultivation) पर होने वाले खर्च की आसानी से वसूली कर सकते हैं।