Kisan News : पशुपालकों की हुई मौज, अब 2 रूपए प्रति किलो बिकेगा गोबर, सरकार ने किया बड़ा ऐलान 

मध्य प्रदेश में गोबर धन परियोजना की शुरुआत हो चुकी है जिसके तहत पशुपालकों को लाभ मिलने वाला है। क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार की तरह ही अब मध्य प्रदेश सरकार भी किसानों से गोबर खरीदेगी।

मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में हुई शुभारंभ

मध्य प्रदेश गोबर धन परियोजना की शुरुआत नव गठित जिले मऊगंज से की गई है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर मऊगंज जिले में निजी प्लांट का शुभारंभ किया गया है। हालांकि फिलहाल में 52 के लिए में स्थापित प्लांट निजी कंपनी द्वारा किया गया है जिसमें ₹2 प्रति किलो के हिसाब से गोबर खरीदा जाएगा। और इस गोबर से जलाऊ लकड़ी फिर कोयला बनाएं जानें की योजना है। मऊगंज मध्य प्रदेश का पहला ऐसा जिला होगा जहां पर गोबर 2 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा। इस परियोजना की शुरुआत से मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की काफी चर्चा हो रही है। गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर गोबर धन परियोजना की शुरुआत की गई जिसमें जिला कलेक्टर अजय श्रीवास्तव सहित विधायक गिरीश गौतम सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पशुपालकों को मिलेगा लाभ

मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में निजी प्लांट की शुरुआत की गई जिससे पशुपालकों को लाभ मिलेगा क्योंकि गाय, भैंस, बैल आदि पालने वाले पशुपालकों से ₹2 प्रति किलो गोबर खरीदा जाएगा जिससे पशुपालकों की अतिरिक्त आय में बढ़ोतरी होगी। इसलिए यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि गाय पलकों की संख्या बढ़ जाएगी और आवारा पशुओं की कमी होगी।

देखिए क्या है गोबर धन परियोजना की कार्यविधि

निजी कंपनी द्वारा गोबर धन परियोजना का शुभारंभ किया गया है जिसकी शुरुआत विधिवत रूप से हो चुकी है। और इस प्लांट में सबसे पहले किसानों से 2 रुपए प्रति किलो की दर से गोबर खरीदा जाएगा और इसके बाद उसे मशीन में कोयले के पाउडर के साथ मिला कर डाला जाएगा। और कुछ देर के बाद इस प्रक्रिया से कृत्रिम लकड़ी बन कर तैयार हो जाएगी। गोबर और कोयले के मिश्रण से बनाई गई इस लकड़ी का उपयोग जलाऊ ईंधन के रूप में किया जा सकेगा। यह कृत्रिम लकड़ी प्राकृतिक लकड़ी से कई गुना ज्यादा ज्वलनशील होगी। और इसके इस्तेमाल से पर्यावरण को प्रदूषित होने से भी बचाया जा सकता है साथ ही किसानों की अतिरिक्त आय के रूप में वृद्धि भी होगी।