किसानों की चिंता होंगी खत्म: घर बैठे ही बना सकते हैं यूरिया जैसा असरकारक खाद, दहीं से खाद बनाने की विधि व फायदे देखें

यूरिया और कीटनाशकों की जरुरत खत्म, अब दही से बनाये खाद और कीटनाशक, जानिए इसकी विधि और फायदे अभी के समय सभी किसान खाद और कीटनाशको के महंगे भावो से परेशान है. जिससे कई किसान जैविक खेती की और देख रहे है आपको बता दे की मार्केट में खाद की किल्लत भी एक परेशानी है। जिस कारण किसानो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस लिए आपको बता दे की इस परेशानी से निजात पाने के लिए आप अपने खेत में देसी गाय के दूध से बने दही का उपयोग जानकारी के मुताबिक कीटनाशको के साथ ही यूरिया की भरपाई कर सकते है | तथा अपने रासायनिक उर्वरको की लागत के पैसो को भी बचा सकते है. आइये जानते है इससे जुडी पूरी जानकारी।

आपको इस दही को बनाने के लिए सर्वप्रथम फ्रेस दही ले और इसके बाद इसके बाद इस दही में एक ताम्बे का टुकड़ा यह चम्मच डाल दे | तथा इसे 8 से 15 दिनों के लिए ढककर छाया में रख दे, | इसके बाद आप इस मटके में से तांबे के टुकड़े को निकाल लीजिये | इसके बाद दही आपको बिलकुल हरे तार के सामान दिखाई देगा। बस हो गया आपका मिश्रण तैयार।

ऐसे करे छिड़काव

इसके मिश्रण के उपयोग के लिए आपको बता दे की सर्वप्रथम 5 लीटर मिश्रण बनाने के लिए आप दो किलो दही में 3 लीटर पानी मिला दीजिये। यह मिश्रण एक एकड़ फसल के लिए पर्याप्त है। इस मिश्रण को आप स्प्रे मशीन में पानी के साथ मिलाकर छिडकाव कर दीजिये। ऐसा करने से आपकी फसल के पौधे 25 से 45 दिनों तक हरे रहेंगे। क्योकि उनमे नाइट्रोजन की कमी नहीं रहेगी। इससे आपकी फसल हरी भरी हो जाएगी। इस प्रकार से बनाये गए दही के मिश्रण को आप सभी प्रकार की फसलों जैसे गेहूं ,मक्का, आम, केला, सभी प्रकार की सब्जियाँ, लीची, धान,गन्ना, आदि पर आप छिडकाव कर सकते है।

क्या होता है फायदा

इस दही के मिश्रण के फायदों को बात करे तो आपको बता दे की इससे खेतो में 15 दिनों तक सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए प्रति एकड़ 1000 रुपये आप बचा सकते है। तथा कीटनाशको को मारने के लिए यूरिया तथा कीटनाशको का कुल खर्च 3500 रुपये प्रति एकड़ होती है। जबकि 100 रुपये में आज प्रति दो किलो के हिसाब से बाज़ार में दही मिल जाता है। इस प्रकार दही के प्रयोग से कृषि की लागत का 95 % बच जाता है। तथा खेती में फसल की पैदावार में भी 15 % की वृधि हो जाती है। यह सारे फायदे दही के इस मिश्रण से होते है।

कीटनाशक और खाद की जगह कर सकते है इस्तेमाल

आपको बता दे की जानकारी के मुताबिक इस दही को तैयार कर इसमें नीम का तेल तथा मेथी का पेस्ट मिलाकर छिडकाव करते है और अगर आप इसे कीटनाशक के रूप में स्प्रे करते है तो यह आपकी फसल को कई प्रकार की बीमारियों जैसे फंगस नहीं लगने देगा। इससे फसलो नाइट्रोजन मिलती है। यह कीटनाशक के रूप में कार्य करता है, तथा फसल के अनुकूल किटो से बचाता है। दही का उपयोग मिट्टी में खाद के रूप में भी किया जाता है। इसे 2 किलो दही प्रति एकड़ के हिसाब उपयोग किया जाता है। अगर आपके खेत की मिट्टी में माइक्रोबियल बेक्टीरिया की मात्रा अधिक है तो आप इसका प्रयोग कर सकते है। ऐसा करने से आपी फसलो पर 25 % उत्पादन बढ़ जाता है। पानी की खपत कम हो जाती है। 300 ग्राम दही में 300 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर इस मिश्रण का 300 ग्राम छिडकाव करने खेत में 15 दिनों तक पानी की जरूरत नहीं पड़ती है। तो यह थी इस दही से बने मिश्रण के फायदे जिसके बहुत फायदे है। यह थी दही से जुड़े फायदों की बात।